ऑस्ट्रेलिया में मसूर का निर्यात योग्य सीमित स्टॉक उपलब्ध
03-Apr-2025 08:20 PM
ब्रिसबेन। सरकारी एजेंसी अबारेस ने 2024-25 सीजन के दौरान ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया प्रान्त में मसूर का उत्पादन सरकार 5.35 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान लगाया है जो 2023-24 सीजन केउत्पादन 7.80 लाख टन से 31 प्रतिशत कम है।
इसी तरह साउथ ऑस्ट्रेलिया प्रान्त में मसूर का उत्पादन गत वर्ष के 7.60 लाख टन से 27 प्रतिशत घटकर इस बार 5.55 लाख टन रह जाने की संभवना व्यक्त की है। हालांकि मसूर का बिजाई क्षेत्र बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था लेकिन वर्षा कम होने एवं भयंकर सूखा पड़ने से मसूर की उपज दर एवं पैदावार काफी घट गई।
इस बीच भारत सरकार ने 8 मार्च को मसूर पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा दिया मगर इससे ऑस्ट्रेलिया पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 1.50 लाख टन मसूर का वार्षिक निर्यात कोटा आवंटित किया है जिस पर आधी दर का ही शुल्क प्रभावी होगा।
इसका मतलब यह हुआ कि ऑस्ट्रेलिया से 1.50 लाख टन तक मसूर के आयात पर 5 प्रतिशत का ही सीमा शुल्क लगेगा जो काफी हद तक इसके लिए मैनेजेबल है।
साउथ ऑस्ट्रेलिया एवं विक्टोरिया प्रान्त के उत्पादकों के लिए मसूर एक महत्वपूर्ण नकदी फसल है। इस बार उत्पादन में भारी गिरावट आने तथा कीमत भी सामान्य स्तर पर रहने से वहां मसूर उत्पादकों की आमदनी काफी घटने की संभावना है।
इन दोनों प्रांतों से मसूर के अधिकांश भाग की निकासी हो चुकी है और अब उत्पादकों के पास अत्यन्त सीमित स्टॉक बचा हुआ है।
मई-जून में इसकी बिजाई होगी जबकि अक्टूबर-नवम्बर में फसल की कटाई-तैयारी आरंभ हो जाएगी। लेकिन बीच की अवधि में वहां से इसके निर्यात शिपमेंट की गति धीमी रहने की संभावना है।
मसूर का निर्यात ऑफर मूल्य भी फरवरी के मुकाबले मार्च में 50 डॉलर घटकर 850 डॉलर प्रति टन रह गया। भारत में मसूर का आयात कम हो रहा है।
