ऑस्ट्रेलिया में मसूर का उत्पादन 5 लाख टन से ज्यादा बढ़ने का अनुमान
04-Jun-2025 01:35 PM
ब्रिसबेन। पिछले साल ऑस्ट्रेलिया में सूखा एवं कोहरा के प्रकोप से मसूर की फसल को काफी नुकसान हो गया था और उसकी उपज दर तथा कुल पैदावार में भारी गिरावट आ गई थी। हालांकि चालू वर्ष के दौरान वहां मसूर के बिजाई क्षेत्र में ज्यादा इजाफा होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं लेकिन औसत उपज दर के साथ उत्पादन में अच्छी बढ़ोत्तरी हो सकती है। इसके आधार पर एक विश्लेषक ने 2025-26 सीजन के दौरान ऑस्ट्रेलिया में मसूर का उत्पादन बढ़कर 16.90 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जो 2024-25 सीजन के उत्पादन 11.60 लाख टन से 5.30 लाख टन ज्यादा है। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया से मसूर का निर्यात लगभग दोगुना बढ़कर 15-16 लाख टन पर पहुंचने की संभावना है।
वैसे वर्तमान समय में उसके दो प्रमुख उत्पादक राज्यों- विक्टोरिया एवं साउथ ऑस्ट्रेलिया में मौसम शुष्क बना हुआ है और उसके महत्वपूर्ण उत्पादक इलाकों में बारिश की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। वर्षा की कमी से उत्पादक चिंतित हैं। एक अन्य समीक्षक के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई फसल के लिए अभी शुरुआती दिन चल रहे हैं और फसल की कटाई-तैयारी के समय तक मौसम में कई बार बदलाव हो सकते हैं। जुलाई तथा अगस्त के महीने का मौसम मसूर की फसल के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण साबित होगा। यदि सब कुछ सामान्य रहा तो मसूर का उत्पादन 16-17 लाख टन तक पहुंच सकता है। पिछले साल भी आरंभिक चरण में किसानों को इस महत्वपूर्ण दलहन का शानदार उत्पादन होने की उम्मीद थी लेकिन जुलाई-सितम्बर 2024 में बारिश का भारी अभाव होने और उसके बाद पाला तथा घने कोहरे का प्रकोप रहने से फसल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इससे वहां मसूर के उत्पादन एवं निर्यात योग्य स्टॉक में जबरदस्त गिरावट आ गई। ऑस्ट्रेलिया में मसूर की बिजाई का अभियान काफी आगे बढ़कर अंतिम चरण में पहुंच गया है और अब फसल प्रगति के विभिन्न चरण से होकर गुजर रही है। नई फसल की कटाई-तैयारी अक्टूबर नवम्बर में आरंभ होगी। भारत में ऑस्ट्रेलियाई मसूर का आयात बड़े पैमाने पर होता है।
