ऑस्ट्रेलिया से मार्च में 21.18 लाख टन गेहूं का निर्यात

12-May-2025 01:48 PM

सिडनी। सरकारी एजेंसी- ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो (एबीएस) की नई रिपोर्ट से पता चलता है कि मार्च 2025 के दौरान ऑस्ट्रेलिया से 21.18 लाख टन से कुछ अधिक गेहूं का निर्यात हुआ

जो फरवरी में हुए कुल शिपमेंट 21.09 लाख टन से 0.7 प्रतिशत ज्यादा मगर मार्च 2024 से शानदार निर्यात 25.67 लाख टन से 17 प्रतिशत कम रहा। गेहूं के निर्यात में ड्यूरम का शिपमेंट भी शामिल है। 

ऑस्ट्रेलिया से बल्ब तथा कंटेनर- दोनों तरीकों से गेहूं का निर्यात किया जाता है। चालू मार्केटिंग सीजन की पहली छमाही में यानी अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के दौरान वहां से कंटेनरों में कुल मिलाकर 10.05 लाख टन गेहूं का शिपमेंट हुआ।

इसके तहत अक्टूबर-दिसम्बर 2024 में 4.50 लाख टन, जनवरी 2025 में 1.53 लाख टन, फरवरी में 1.95 लाख टन तथा मार्च में 2.07 लाख टन का निर्यात हुआ। 

इस छमाही के दौरान ऑस्ट्रेलिया से कंटेनरों में इंडोनेशिया को 1.41 लाख टन, मलेशिया को 1.35 लाख टन, ताईवान 1.19 लाख टन, थाईलैंड को 2 लाख टन और वियतनाम को 1.39 लाख टन गेहूं का निर्यात किया गया जबकि अन्य देशों में से प्रत्येक को निर्यात की मात्रा एक लाख टन से कम रही। 

अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 की छमाही में ऑस्ट्रेलिया से बल्क रूप में 88.49 लाख टन गेहूं का निर्यात हुआ। इसके तहत अक्टूबर-दिसम्बर 2024 की तिमाही में 33.92 लाख टन, जनवरी 2025 में 16.31 लाख टन, फरवरी में 19.15 लाख टन तथा मार्च में 19.11 लाख टन का शिपमेंट शामिल था। 

समीक्षाधीन छमाही के दौरान बल्क रूप में ऑस्ट्रेलिया से यमन को 6.87 लाख टन, वियतनाम को 6.20 लाख टन, थाईलैंड को 7.26 लाख टन, संयुक्त अरब अमीरात को 1.69 लाख टन, दक्षिण कोरिया को 5.79 लाख टन, फिलीपींस को 15.68 लाख टन,

पापुआ न्यू गिनी को 1.34 लाख टन, न्यूजीलैंड को 2.35 लाख टन, म्यांमार को 1.62 लाख टन, मलेशिया को 2.80 लाख टन, कुवैत को 2.66 लाख टन, जापान को 5.37 लाख टन, इंडोनशिया को 15.89 लाख टन तथा चीन को 4.68 लाख टन गेहूं का निर्यात किया गया।

इसके अलावा भारत सहित कई अन्य देशों को भी वहां से गेहूं भेजा गया मगर प्रत्येक देश के लिए इसकी मात्रा एक लाख टन से कम रही।

भारत में अक्टूबर-दिसम्बर 2024 की तिमाही में 13003 टन तथा जनवरी 2025 में 17866 टन सहित कुल 30,869 टन गेहूं का आयात ऑस्टेलिया से किया गया जबकि फरवरी-मार्च में कोई आयात नहीं हुआ।