पीएसएस के तहत ही चना की खरीद जारी रखने का निर्णय
05-Jun-2025 11:56 AM
नई दिल्ली। वरिष्ठ आधिकारिक सूत्रों के कहना है कि चना की खरीद के लिए बाजार में आक्रामक हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है और इसलिए प्रचलित बाजार मूल्य पर इसकी खरीद का प्रयास नहीं किया जाएगा सरकारी एजेंसी मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत किसानों से 5650 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चना खरीदने की कोशिश कर रही है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि सरकार प्रचलित बाजार भाव पर चना की खरीद के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) योजना का उपयोग करने के पक्ष में नहीं है और चालू माह के अंत तक केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इस महत्वपूर्ण दलहन की खरीद जारी रखना चाहती है। चालू सप्ताह के पहले दिन यानी 2 जून तक केन्द्रीय बफर स्टॉक के लिए करीब 2.97 लाख टन चना की खरीद हो चुकी थी। सरकार को उम्मीद है कि पीली मटर के आयात को 31 मार्च 2026 तक शुल्क मुक्त किए जाने से चना की कीमतों पर दबाव पड़ेगा और इसका भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आने पर सरकारी एजेंसी को किसानों से इसकी खरीद बढ़ाने का अवसर मिल जाएगा। आगामी सप्ताहों के दौरान चना की सरकारी खरीद की रफ्तार कुछ बढ़ने के आसार हैं क्योंकि इसके थोक मंडी भाव में स्थिरता या नरमी का माहौल देखा जा रहा है।
केन्द्र सरकार के पास गेहूं, मसूर एवं तुवर का अच्छा स्टॉक मौजूद है और अब चना की खरीद भी 3 लाख टन पर पहुंच चुकी है जो आगे और बढ़ सकती है। चना पर महज 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाया हुआ है इसलिए विदेशों से इसे मंगाने में भी ज्यादा कठिनाई नहीं होगी। घरेलू बाजार में नरमी की धारणा बनने लगी है। इसे देखते हुए सरकार को लगता है कि चना की खरीद के लिए पीएसएस योजना ही पर्याप्त होगी और पीएसएफ योजना को क्रियान्वित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। शुल्क मुक्त होने के कारण एक बार फिर पीली मटर का विशाल आयात हो सकता है जिसे चना का एक बेहतर विकल्प माना जाता है।
