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पंजाब-हरियाणा की मंडियों में धान का अम्बार- उठाव की गति धीमी

12-Oct-2026 01:34 PM

पंजाब-हरियाणा की मंडियों में धान का अम्बार- उठाव की गति धीमी

चंडीगढ़। केन्द्रीय पूल में चावल का योगदान देने वाले दो अग्रणी राज्य- पंजाब एवं हरियाणा में खरीफ कालीन धान की जोरदार कटाई-तैयारी हो रही है और सरकारी क्रय केन्द्रों पर इसकी आवक लगातार तेजी से बढ़ती जा रही है। खरीद एवं उठाव की गति अपेक्षाकृत धीमी होने से क्रय केन्द्रों पर धान का अम्बार लगने लगा है जिससे किसानों को अपना उत्पाद बेचने में भारी कठिनाई हो रही है। 11 अक्टूबर को हुई जोरदार बारिश के कारण पंजाब-हरियाणा की मंडियों में हजारों टन धान के क्षतिग्रस्त या बर्बाद हो जाने की सूचना मिल रही है।

चालू वर्ष के दौरान पंजाब एवं हरियाणा में मौसम एवं वर्षा की अनुकूल स्थिति के कारण धान का शानदार उत्पादन होने के संकेत मिल रहे हैं। मंडियों में इसकी जोरदार आपूर्ति हो रही है लेकिन सही समय पर तथा समुचित मात्रा में इसका उठाव नहीं हो रहा है। मंडियों में धान की खरीद में भी कुछ समस्या आ रही है। किसानों को अपना धान बेचने के लिए तीन-चार दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। 

पंजाब सरकार ने केन्द्र से धान के उचित भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया था ताकि नई खरीद वाले धान को सुरक्षित ढंग से रखने में कठिनाई न हो। लेकिन संभवतः इस आग्रह पर पूरा ध्यान नहीं दिया गया। राइस मिलर्स के परिसरों में सरकारी चावल का भारी-भरकम स्टॉक जमा है जिसे यथाशीघ्र हटाए आने की सख्त आवश्यकता है। किसानों को हो रही कठिनाई से पंजाब सरकार चिंतित है क्योंकि वहां अगले साल विधानसभा का चुनाव होने वाला है।