पंजाब के बजट में धान पराली पर आधारित बॉयलर्स के लिए 60 करोड़ का प्रावधान
28-Mar-2025 08:20 PM
चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री ने धान पराली पर आधारित बॉयलर्स के निर्माण उद्योग के लिए 60 करोड़ रुपए की सब्सिडी देने की घोषणा की है जिसका उद्देश्य पराली को जलाने पर अंकुश लगाना और खेती की निरंतरता को बढ़ावा देना है।
पंजाब के बजट में इस बार फसल अवशेष प्रबंधन एवं जलापूर्ति प्रयास के लिए 500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
26 मार्च को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट प्रस्तुत करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि पराली को खेतों में जलाना राष्ट्रीय चिंता का विषय है और पंजाब सरकार इसे दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है
इस समस्या के समाधान के लिए इको-फ्रैंडली विकल्पों की सक्रियता से तलाश करके उसे लागू करने की कोश्शि जारी है ताकि एक तरफ पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और दूसरी ओर किसानों की खुशहाली भी बरकरार रहे।
वित्त मंत्री के अनुसार धान पराली आधारित बॉयलर्स की ट्रांजीनिंग वाले उद्योग को आर्थिक समर्थन देने के लिए 60 करोड़ रुपए की पूंजीगत सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है
जिससे प्रति वर्ष करीब 30 लाख टन पराली का सदुपयोग होने की उम्मीद है। इससे किसानों को फायदा होगा और पर्यावरण को नुकसान होने से बचाया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि पंजाब केन्द्रीय पूल में धान-चावल का सर्वाधिक योगदान देने वाला राज्य है। लेकिन वहां पराली को किसान अक्सर खेतों में ही जलने को विवश होते हैं क्योंकि उसके पास कोई कारगर विकल्प मौजूद नहीं होता है।
पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में धान की पराली जलने से दिल्ली का वायुमंडल दूषित हो जाता है अब इस पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
