पंजाब के फरीदकोट में गेहूं की फसल पर रोग का भयंकर प्रकोप

31-Dec-2024 12:13 PM

फरीदकोट । केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का सर्वाधिक योगदान देने वाले राज्य-पंजाब के फरीदकोट संभाग में गेहूं की फसल पर पिंक स्टेम बोरर कीट का भयंकर प्रकोप देखा जा रहा है।

यह प्रकोप खासकर उन खेतों में ज्यादा बढ़ गया है जहां धान की पराली को बिना जलाए ही खेतों में छोड़ दिया गया था और गेहूं की बिजाई के लिए हैप्पी सीडर्स का उपयोग किया गया था पंजाब में गेहूं की बिजाई पहले ही समाप्त हो चुकी है और फसल अब प्रगति के चरण में हैं।

कीड़ों-रोगों के इस अप्रत्याशित आघात से किसानों की चिंता और परेशानी काफी बढ़ गई है जो पहले से ही विभिन्न  समस्याओं से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि धान की पराली को जलाने की परम्परागत विधि कई क्षेत्रों में नहीं अपनाई गई।

पराली जलाने की घटना में कमी लाने के लिए पंजाब में हैप्पी सीडर्स एवं सुपर सीडर टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया था और ऐसा प्रतीत होता है कि इससे कीड़ों को पनपने का अनुकूल अवसर मिल गया। 

मुख्य कृषि अधिकारी के अनुसार दिसम्बर के आरंभिक दिनों में तापमान ऊंचा रहने से कीट का प्रकोप तेजी से फैला था।

इसका प्रकोप गेहूं की उस फसल पर ज्यादा देखा जा रहा है जिसकी बिजाई नवम्बर के प्रथम पखवाड़े के दौरान हुई थी जबकि दूसरे पखवाड़े के दौरान जहां बिजाई हुई वहां कम प्रकोप देखा जा रहा है। तापमान में आगामी दिनों के दौरान गिरावट आने के साथ ही इस कीट का आघात और विस्तार भी घटता जाएगा। 

कृषि अधिकारियों के सुझावों के अनुरूप किसानों कीड़ों के प्रकोप को नियंत्रित करने हेतु कीटनाशकों का छिड़काव शुरू  कर दिया है लेकिन इस उपाय की प्रभावशीलता में संदेह बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कीटनाशी रसायनों का अत्यधिक इस्तेमाल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा सकता है जिससे स्थिति और भी विकट हो सकती है। पंजाब में इस बार गेहूं की बिजाई नियत समय सीमा के बाद भी होती रही।