पंजाब में 1 जून से धान की रोपाई शुरू करने की अनुमति

05-Apr-2025 11:38 AM

चंडीगढ़। पानी की बचत करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार ने इस वर्ष किसानों को 1 जून से खरीफ कालीन धान की रोपाई शुरू करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है जिसके लिए अधिसूचना शीघ्र ही जारी होने की संभावना है। इसका मतलब यह हुआ कि राज्य में धान की अगैती खेती नहीं हो सकेगी।

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार का यह निर्णय अग्रगामी कदम नहीं माना जाएगा क्योंकि पंजाब में वर्ष 2009 में ही एक कानून के जरिए भूमिजल के उपयोग को नियंत्रित करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई थी। इसके तहत किसानों को मनमाने ढंग से धान की रोपाई का समय चुनने पर रोक लग गई थी। 

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 में पंजाब प्रिजर्वेशन ऑफ सब स्वाइल वाटर एक्ट लागू किया गया था जिसके अंतर्गत किसानों को 10 मई से पूर्व धान की नर्सरी लगाने से मना कर दिया गया था।

दूसरी ओर धान की रोपाई का समय निर्धारित करने का दायित्व राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया था। अधिनियम में कहा गया था कि पंजाब सरकार अधिसूचना के माध्यम से रोपाई के समय की घोषणा करेगी। इसके आधार पर ही वहां प्रत्येक वर्ष समय घोषित किया जा रहा है जो आमतौर पर 1 जून से शुरू होता है। 

दरअसल इस कानून का उद्देश्य यह था कि पंजाब में 15 जून से पहले धान की रोपाई पर रोक लगाई जाए। नर्सरी में धान के बीज को 'बिचड़ा' (नवजात पौधा, जिसकी रोपाई की जाती है) बनने में करीब 30-35 दिनों का समय लग जाता है।

हाल के वर्षों में अधिसूचना जारी होने में विलम्ब हो जाने के कारण  धान की रोपाई लेट से होती रही और कई बार तो यह 25 जून से शुरू हुई।

इस बार 1 जून से ही रोपाई शुरू करने की स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया है जिससे पानी की बचत करने के उद्देश्य को धक्का लगने की संभावना है।