पाम तेल की ऊंची कीमतों से आयात पर पड़ सकता है असर
16-Dec-2024 10:41 AM
पाम तेल की ऊंची कीमतों से आयात पर पड़ सकता है असर
★ क्रूड पाम की कीमतें समान्यतः सोयाबीन या सूरजमुखी तेल से कम होती हैं। लेकिन पिछले 3-4 महीनों में स्थिति पलटी, अब आयातित CPO की लैंडेड कीमत $1,280 प्रति टन पहुंची, जबकि क्रूड सोयाबीन $1,150 प्रति टन और सूरजमुखी तेल $1,235 प्रति टन पर हो रहा है आयात।
★ कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण इंडोनेशिया में बायो-डीजल में पाम तेल के मिश्रण को 35% से बढ़ाकर 40% करना है, जो 1 जनवरी से लागू होगा।
★ पाम तेल का दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक देश इंडोनेशिया में उत्पादन 430 लाख टन, मलेशिया में 197.1 लाख टन और थाईलैंड में 36 लाख टन होता है।
★ इंडोनेशिया का बायोडीजल मिश्रण अनिवार्य कार्यक्रम 2008 में 2.5% से बढ़कर 2018 में 20%, 2020 में 30%, 2023 में 35% और 2025 में 40% लक्षित किया गया। जिससे 2024-25 में CPO की घरेलू खपत बढ़कर 147 लाख टन पहुंच सकती है जिससे निर्यात के लिए उपलब्धता घटेगी।
★ भारत की वार्षिक खाद्य तेल खपत 250-260 लाख टन है, जिसमें से पाम तेल का हिस्सा 90-95 लाख टन होता है।
★ ऊंची कीमतों के कारण नवंबर में सोयातेल और सूरजमुखी तेल आयात बढ़ा, यही ट्रेंड आने वाले महीनों में देखा जा सकता है।
★ पाम तेल की ऊंची कीमतों से अन्य तेलों की कीमतें भी बढ़ने की उम्मीद।
