प्रमुख निर्यातक देशों के बीच जोरदार प्रतिस्पर्धा से दलहनों का वैश्विक बाजार भाव लुढ़का

26-Sep-2025 08:50 PM

मुम्बई। दलहनों का वैश्विक बाजार भाव घटकर काफी नीचे स्तर पर आ गया है क्योंकि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, रूस एवं अफ्रीकी देशों के बीच बाजार में भागीदारी बढ़ाने के लिए तीव्र प्रतिस्पर्धा देखी जा रही है। पिछले एक माह के दौरान दलहनों की कीमतों में 5 से 20 प्रतिशत तक की भारी-गिरावट आ चुकी है।

कनाडा, रूस एवं अमरीका में मटर तथा मसूर की नई फसल आ रही है। ऑस्ट्रेलिया में मसूर एवं चना की कटाई-तैयारी शीघ्र ही जोर पकड़ने वाली है जबकि अफ्रीकी देशों में तुवर फसल की कटाई-तैयारी जारी है। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार दलहनों के वैश्विक बाजार में प्रचलित हालात अभी भारतीय किसानों के लिए अनुकूल नहीं है क्योंकि वैश्विक बाजार मूल्य में आई भारी गिरावट से इसका आयात बढ़ सकता है।

विदेशों से विशाल मात्रा सस्ते दलहनों का आयात होने से घरेलू बाजार भाव पर दबाव बरकरार रह सकता है। अगस्त-सितम्बर की जोरदार बारिश से खरीफ सीजन की प्रमुख दलहन फसलों- तुवर, उड़द, मूंग एवं मोठ आदि को नुकसान हुआ है। इससे किसानों पर दोहरी मार पड़ सकती है। एक तो उत्पादन कम होगा और दूसरे, दाम भी कमजोर रहेगा। 

व्यापार विश्लेषकों के अनुसार सभी आयातित दलहनों का भाव घटकर नए नीचे स्तर पर आ गया है। कनाडा, रूस एवं ऑस्ट्रेलिया के दलहनों के निर्यात ऑफर मूल्य में कोई खास भिन्नता या अंतर नहीं है। खासकर पीली मटर का दाम तो रसातल में पहुंच गया है।

इस वर्ष कनाडा में मटर का बिजाई क्षेत्र 9 प्रतिशत बढ़कर 14.20 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। वहां 32 लाख टन पीली मटर एवं 5.50 लाख टन हरी मटर के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है।

कनाडा में काबुली चना का उत्पादन भी उछलकर 3.40 लाख टन पर पहुंचने की संभावना है। बेहतर उत्पादन की वजह से वहां निर्यात योग्य स्टॉक में वृद्धि होगी।

उधर ऑस्ट्रेलिया में देसी चना का उत्पादन 21 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है जबकि मसूर का उत्पादन 34 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि के साथ 17 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के आसार हैं।