प्रतिस्पर्धी मूल्य के कारण नवम्बर में पाम तेल का आयात सुधरने का अनुमान
04-Dec-2025 05:03 PM
मुम्बई। उद्योग व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों का कहना है कि नवम्बर 2025 के दौरान पाम तेल के आयात में थोड़ी-बहुत वृद्धि हुई जबकि सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात कुछ घट गया।
इसक काम पाम तेल के मूल्य का प्रतिस्पर्धी होना रहा जिससे महंगे सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल की खरीद में भारतीय आयातक की दिलचस्पी घट गई।
विश्लेषकों के अनुसार अक्टूबर की तुलना में नवम्बर के दौरान पाम तेल का आयात 4.60 प्रतिशत बढ़कर 6.30 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है
जबकि दूसरी ओर सोयाबीन तेल का आयात 12 प्रतिशत गिरकर 4 लाख टन तथा सूरजमुखी तेल का आयात 44 प्रतिशत घटकर 1.45 लाख टन के आसपास अटक जाने की संभावना है जो पिछले दो साल का सबसे निचला स्तर है।
समीक्षकों- विश्लेषकों ने नवम्बर 2025 के दौरान भारत में खाद्य तेलों का कुल आयात फिसलकर 11.50 लाख टन के करीब रह गया जो अक्टूबर के कुल आयात 11.80 लाख टन से 30 हजार टन कम है।
सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का वैश्विक बाजार भाव ऊंचा रहने से इसके आयात में कमी आने की संभावना है। खाद्य तेलों के इस सकल अनुमानित आयात में नेपाल से सीमा मार्ग से आने वाला करीब 30 हजार टन शुल्क मुक्त सोयाबीन तेल भी शामिल है।
एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार भारतीय खरीदार निकटवर्ती महीनों के शिपमेंट के लिए पाम तेल की खरीद बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि यह फिलहाल सोयाबीन तेल की तुलना करीब 100 डॉलर प्रति टन सस्ते दाम पर उपलब्ध है।
दिसम्बर 2025 में पाम तेल का आयात और भी बढ़कर 7.50 लाख टन के करीब पहुंच सकता है। सूरजमुखी तेल का वैश्विक बाजार भाव पाम तेल से करीब 200 डॉलर प्रति टन तथा सोयाबीन तेल से लगभग 100 डॉलर प्रति टन ऊंचा चल रहा है इसलिए इसके आयात में गिरावट आ रही है।
