पश्चिमी एवं मध्यवर्ती राज्यों में पानी का अच्छा स्टॉक उपलब्ध

12-Dec-2025 08:41 PM

नई दिल्ली। देश के पश्चिमी प्रांतों एवं मध्यवर्ती राज्यों में बांधों- जलाशयों में पानी का स्टॉक अन्य क्षेत्रों की तुलना में काफी बेहतर आंका गया है।

केन्द्रीय जल आयोग (सी डब्ल्यू सी) की नई रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी क्षेत्र के कुल 53 प्रमुख बांधों- सरोवरों में 35.099 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक मौजूद है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 38.094 बीसीएम का 92 प्रतिशत है।

इसके तहत गोवा का एक मात्र जलाशय तो पानी से लगभग पूरी तरह भरा हुआ है जबकि महाराष्ट्र के जलाशयों में 94 प्रतिशत और गुजरात के बांधों में 90 प्रतिशत भंडारण क्षमता के समतुल्य पानी का स्टॉक उपलब्ध है।

जहां तक देश के मध्यवर्ती क्षेत्र का सवाल है तो वहां कुल 28 प्रमुख बांधों को संयुक्त भंडारण क्षमता 48.588 बीसीएम की है जबकि उसमें फिलहाल 42.008 बीसीएम या 86 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद है।

इस संभाग में मध्य प्रदेश के जलाशयों में भंडारण क्षमता के सापेक्ष 89 प्रतिशत एवं उत्तराखंड में 87 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है जबकि पानी की उपलब्धता छत्तीसगढ़ के जलाशयों में 86 प्रतिशत तथा उत्तर प्रदेश के बांधों में सबसे कम 78 प्रतिशत आंकी गई है।

उपरोक्त आंकड़ों से प्रतीत होता है कि इन राज्यों में पेयजल तथा फसलों की सिंचाई के लिए बांधों-जलाशयों में पानी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और इसलिए कहीं किसी संकट की स्थिति नहीं है।

खेतों की मिटटी में भी नमी का समुचित अंश उपलब्ध है और रबी फसलों की बिजाई जोर शोर से जारी है। इसके अलावा अन्य जल स्रोतों में भी पानी का अच्छा स्टॉक मौजूद है जिससे बांधों- जलाशयों पर दबाव कुछ कम पड़ने की संभावना है।