पश्चिमी एवं मध्यवर्ती संभाग में बांधों में जल स्तर संतोषजनक
19-Dec-2025 08:46 PM
नई दिल्ली। यद्यपि हाल के सप्ताहों में बारिश की भारी कमी से राष्ट्रीय स्तर पर बांधों में जल स्तर घटकर 82.50 प्रतिशत पर आ गया है लेकिन देश के पश्चिमी एवं मध्यवर्ती क्षेत्र में यह अपेक्षाकृत ऊंचे स्तर पर है। वैसे वहां भी जल स्तर में कमी आई है।
केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के पश्चिमी संभाग में कुल 53 प्रमुख बांधों-जलाशयों में उसकी कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष 90.41 प्रतिशत पानी का स्टॉक उपलब्ध है।
इसके तहत गुजरात में तो जल स्तर घटकर 90 प्रतिशत से नीचे आ गया है लेकिन महाराष्ट्र एवं गोवा में यह 90 प्रतिशत से ऊंचे स्तर पर बरकरार है।
देश के मध्यवर्ती क्षेत्र में 28 प्रमुख बांधों-जलाशयों में 41.123 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक मौजूद है जो उससे कुल भंडारण क्षमता 48.588 बीसीएम का 85 प्रतिशत है।
इसके तहत मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में जलस्तर 85 प्रतिशत से ऊपर, उत्तराखंड में 83.5 प्रतिशत तथा उत्तर प्रदेश में 76 प्रतिशत आंका गया है।
दरअसल देश के जिन 730 जिलों से मौसम (तापमान) एवं वर्षा के आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं उनमें से अधिकांश जिलों में पिछले दो-तीन सप्ताहों के दौरान वर्षा नहीं या नगण्य हुई है जबकि बांधों-जलाशयों से पानी की निकासी नियमित रूप से जारी है। इसके फलस्वरूप जल स्तर लगातार घटता जा रहा है।
महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश के जलाशयों में अभी पानी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और इससे रबी फसलों की सिंचाई में कठिनाई नहीं होगी।
राजस्थान और पंजाब-हरियाणा में भी पानी की उपलब्धता संतोषजनक है जबकि दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मानसून की रुक-रूककर बारिश हो रही है लेकिन पूर्वी भारत में कुछ कठिनाई उत्पन्न होने की आशंका है।
