रबी फसलों की बिजाई में सुधार का सिलसिला जारी

28-Nov-2025 05:05 PM

नई दिल्ली। गेहूं, सरसों एवं चना की खेती में किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है जिससे इसकी बिजाई में अच्छी बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके अलावा जौ, मसूर तथा मटर की खेती में भी किसानों की अच्छी दिलचस्पी देखी जा रही है।

21 नवम्बर तक रबी फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष से 12 प्रतिशत तथा गेहूं का बिजाई क्षेत्र 19 प्रतिशत अधिक रहा। रबी फसलों का सकल उत्पादन क्षेत्र 272.78 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 306.31 लाख हेक्टेयर हो गया। 

रबी फसलों का सामान्य औसत क्षेत्रफल इस बार 637.81 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसमें से 306.31 लाख हेक्टेयर में बिजाई पहले ही हो चुकी है।

चालू सप्ताह के दौरान कुल बिजाई क्षेत्र इस पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल के 50 प्रतिशत तक पहुंच जाने की उम्मीद है। दिसम्बर तथा जनवरी में भी जोरदार बिजाई का सिलसिला जारी रहेगा।

आरंभिक संकेतों से प्रतीत होता है कि इस बार प्रमुख रबी फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के साथ-साथ सामान्य औसत क्षेत्रफल से भी ऊपर पहुंच जाएगा क्योंकि मौसम एवं मिटटी में नमी की अनुकूल स्थिति के कारण किसानों को बिजाई में अच्छी सहायता मिल रही है। 

गेहूं एवं सरसों की अगुवाई में रबी फसलों की कुल बिजाई बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि गेहूं का खुला बाजार भाव ज्यादा आकर्षक नहीं है लेकिन इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य किसानों के लिए लाभप्रद साबित होगा।

सरसों का भाव पहले से ही काफी ऊंचे स्तर पर है और फरवरी-मार्च 2026 में नई फसल की आपूर्ति शुरू होने तक इसकी कीमतों में ज्यादा गिरावट आने की संभावना नहीं है। गेहूं का उत्पादन बढ़ने पर सरकारी खरीद में भी वृद्धि हो सकती है।