रबी फसलों का उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 559 लाख हेक्टेयर के करीब पहुंचा

17-Dec-2024 12:40 PM

नई दिल्ली । मौसम की स्थिति पूरी तरह अनुकूल नहीं होने के बावजूद भारतीय किसान रबी फसलों की खेती में भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं जिससे 16 दिसम्बर तक इसका कुल उत्पादन क्षेत्र सुधरकर 558.80 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 556.67 लाख हेक्टेयर से 2.13 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

इसके तहत यद्यपि दलहन, तिलहन एवं मोटे अनाजों के रकबे में कुल मिलाकर गिरावट आई है मगर गेहूं एवं धान के क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी हुई है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में वर्तमान रबी सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर गेहूं का उत्पादन क्षेत्र 284.17 लाख हेक्टेयर से करीब 9 लाख हेक्टेयर उछलकर 293.11 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है और धान का बिजाई क्षेत्र 123.71 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 123.27 लाख हेक्टेयर,

मोटे अनाजों का रकबा 40.45 लाख हेक्टेयर से गिरकर 38.75 लाख हेक्टेयर तथा तिलहनों का बिजाई क्षेत्र 96.96 लाख हेक्टेयर से घटकर 91.60 लाख हेक्टेयर रह गया है। रबी फसलों की बिजाई अनेक इलाकों में अभी जारी है। 

दलहन फसलों में केवल चना का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल से आगे चल रहा है जबकि मसूर, मटर, उड़द एवं मूंग का रकबा पीछे हो गया है। इसी तरह तिलहन फसलों में सरसों, मूंगफली तथा अलसी का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से पीछे चल रहा है और मोटे अनाजों के संवर्ग में जौ तथा ज्वार के उत्पादन क्षेत्र में गिरावट आई है।

गेहूं का बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा होने के कारण किसान इसकी खेती में अच्छा उत्साह दिखा रहे हैं। चना का क्षेत्रफल भी कुछ बढ़ने की उम्मीद है मगर सरसों की बिजाई के प्रति किसानों का आकर्षण कम देखा जा रहा है।

रबी फसलों का कुल रकबा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल के करीब पहुंचने की उम्मीद है। आगामी महीनों का मौसम इसके उत्पादन की दशा और दिशा को निर्धारित करेगा। कई इलाकों में बारिश की सख्त जरूरत है।