रबी कालीन तिलहन के बिजाई क्षेत्र में 5.36 लाख हेक्टेयर की गिरावट

17-Dec-2024 04:03 PM

नई दिल्ली । रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों के साथ-साथ मूंगफली एवं अलसी का बिजाई क्षेत्र भी इस बार गत वर्ष से पीछे चल रहा है। इसके फलस्वरूप रबी कालीन तिलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 96.96 लाख हेक्टेयर  से 5.36 लाख हेक्टेयर घटकर इस बार 16 दिसम्बर तक 91.60 लाख हेक्टेयर रह गया।

इसके तहत खासकर सरसों के क्षेत्रफल में 4.84 लाख हेक्टेयर की भारी गिरावट दर्ज की गई और इसका रकबा 90.40 लाख हेक्टेयर से घटकर 85.56 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त - राजस्थान में नियत लक्ष्य से काफी कम क्षेत्रफल में सरसों की बिजाई हुई है।  

रबी कालीन मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 2.81 लाख हेक्टेयर से गिरकर इस बार 2.62 लाख हेक्टेयर तथा अलसी का बिजाई क्षेत्र 2.52 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.26 लाख हेक्टेयर रह गया है। मूंगफली की खेती मुख्यत: खरीफ सीजन में होती है मगर रबी सीजन में भी कुछ राज्यों में इसका अच्छा उत्पादन होता है। 

अन्य रबी तिलहन फसलों की बिजाई सीमित क्षेत्रफल में होती है। सैफ्लावर का रकबा 57 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा है जो पिछले साल के बराबर ही है। सूरजमुखी का बिजाई क्षेत्र भी 30-32 हजार हेक्टेयर तथा तिल का क्षेत्रफल 8-10 हजार हेक्टेयर के आसपास पहुंचा है।

तिलहन फसलों की बिजाई के प्रति इस बार किसानों में ज्यादा उत्साह एवं आकर्षण नहीं देखा जा रहा है क्योंकि वे गेहूं एवं चना की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई क्षेत्रों में मौसम भी अनुकूल नहीं है। तिलहन फसलों की बिजाई आगे कुछ सप्ताहों तक जारी रहने की संभावना है।