रुई का आयात 50 लाख गांठ के रिकार्ड स्तर पर पहुंचने का अनुमान
09-Dec-2025 11:01 AM
नई दिल्ली। हालांकि एक अग्रणी व्यापारिक संस्था ने कपास के उत्पादन अनुमान में 4 लाख गांठ की बढ़ोत्तरी और रुई के घरेलू उपयोग के अनुमान में 19 लाख गांठ की कटौती कर दी है लेकिन विदेशो से रुई का आयात उछलकर 50 लाख गांठ के नए रिकार्ड स्तर पर पहुंच जाने की संभावना व्यक्त की है कपास की प्रत्येक गांठ 170 किलो की होती है। कॉटन एसोसिएशन ऑफ़ इण्डिया (सीएआई) के अनुसार 2024-25 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान देश में कुल करीब 41 लाख गांठ रुई का आयात हुआ था जो 2025-26 के सीजन में उछलकर 50 लाख गांठ तक पहुंच जाने की उम्मीद है।
भारत में 31 दिसम्बर 2025 तक रुई का आयात पूरी तरह शुष्क युक्त रखने की घोषणा पहले ही हो चुकी है जबकि वैश्विक बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति बाकि सुगम होने से कीमतों में नरमी का माहौल देखा जा रहा है। भारतीय आयातक इस अनुकूल स्थिति का फायदा उठाकर अमरीका, ब्राजील, एवं ऑस्ट्रेलिया सहित की अन्य देशो से विशाल मात्रा में रुई का आयात कर रहे है।
एसोसिएशन के अनुसार पिछले साल अक्टूबर-नवम्बर के दो महीनो में 8.80 लाख गांठ रुई का आयात हुआ था जो चालू सीजन की सामान अवधि में दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 18 लाख गांठ पर पहुंच गया। दिसंबर में आयात तेजी से बढ़ने की संभावना है और यदि उसके बाद इस पर सीमा शुल्क लगता है तब भी विदेशो से आयात जारी रहेगा क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य फ़िलहाल ज्यादा तेज होने की संभावना नहीं है इधर भारतीय कपास निगम (सीसीसाई) द्वारा किसानो से भारी मात्रा में कपास की खरीद की जा रही है।
