राइस ब्रान एक्सट्रैक्टर्स के निर्यात पर लगा प्रतिबंध समाप्त
03-Oct-2025 04:52 PM
मुम्बई। लम्बी प्रतीक्षा तथा स्वदेशी उद्योग द्वारा लगातार की जा रही जोरदार मांग के बाद अंततः केन्द्र सरकार ने राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन या डी ऑयल्ड राइस ब्रान (डीओआरबी) के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को समाप्त कर दिया है।
इस आशय की अधिसूचना आज यानी 3 अक्टूबर 2025 को जारी की गई जिसमें कहा गया है कि डीओआरबी पर लागू निर्यात प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया गया है और यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। सरकार के इस फैसले से चावल मिलिंग एवं साल्वेंट एक्सट्रैक्शन उद्योग को राहत मिलेगी और खासकर पूर्वी भारत के मिलर्स / निर्यातकों को काफी फायदा होगा।
देश से राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन का निर्यात बढ़ाने का उसे अच्छा अवसर मिल जाएगा। इसके साथ धान के उत्पादकों एवं प्रोसेसर्स को भी बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सफलता हासिल होगी।
इतना ही नहीं बल्कि मिलर्स / प्रोसेसर्स को अब अधिक से अधिक मात्रा में राइस ब्रान की मिलिंग / प्रोसेसिंग करने का प्रोत्साहन प्राप्त होगा जिससे राइस ब्रान तेल के उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होगी। उद्योग को सरकार के इस कदम का लम्बे समय से इंतजार था।
उल्लेखनीय है कि सर्वप्रथम जुलाई 2023 में डीओआरबी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया था और फिर इसकी समय सीमा में बढ़ोत्तरी होती रही।
अंतिम बार यह समय सीमा 30 सितम्बर 2025 तक के लिए बढ़ाई गई थी और सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया इसमें आगे और वृद्धि नहीं करने के लिए सरकार पर दबाव डाल रहा था। अंततः सरकार ने उद्योग संगठन के जोरदार आग्रह को स्वीकार करते हुए निर्यात प्रतिबंध को वापस लेने की घोषणा कर दी।
ध्यान देने की बात है कि जुलाई 2023 में प्रतिबंध लागू होने से पूर्व भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के अनेक देशों और खासकर वियतनाम थाईलैंड, दक्षिण कोरिया एवं ताईवान आदि सहित अन्य क्षेत्रों को लगभग 5-6 लाख टन राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन का वर्षिक निर्यात कर रहा था जिससे राइस मिलिंग उद्योग को राहत एवं देश को बहुमूल्य विदेशी मुद्रा प्राप्त हो रही थी।
सरकार के नए निर्णय से अब इसका सिलसिला पुनः शुरू हो जाएगा। राइस ब्रान एक्सट्रैक्शन के निर्यात से विदेशी मुद्रा की आमदनी बढ़कर 1000 करोड़ रुपए से समकक्ष पहुंच गई थी। बंगाल के मिलर्स इससे ज्यादा लाभान्वित होंगे।
