राजस्थान में भी खरीफ फसलों की बिजाई गत वर्ष से काफी पीछे

14-Jul-2026 08:51 PM

जयपुर। गुजरात सहित कई अन्य राज्यों की भांति राजस्थान में भी खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष से काफी पीछे चल रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान देश में मूंग, मोठ, बाजरा एवं ग्वार का सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त है जबकि मूंगफली एवं अरंडी के उत्पादन में दूसरे तथा सोयाबीन के उत्पादन में तीसरे नम्बर पर रहता है। इसके अलावा वहां ज्वार, मक्का, चौला तथा कपास का भी अच्छा उत्पादन होता है। 

राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के दौरान राजस्थान में 13 जुलाई तक खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र 104.12 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका। जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 121.95 लाख हेक्टेयर से 17.83 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 164.10 लाख हेक्टेयर से 60 लाख हेक्टेयर पीछे है। 

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में धान का उत्पादन क्षेत्र 1.97 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 1.76 लाख हेक्टेयर, ज्वार का क्षेत्रफल 5.52 लाख हेक्टेयर से घटकर 4.28 लाख हेक्टेयर, बाजरा का बिजाई क्षेत्र 37.48 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 27.43 लाख हेक्टेयर और मक्का का रकबा 8.83 लाख हेक्टेयर से गिरकर 8.05 लाख हेक्टेयर रह गया। 

राजस्थान में दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 27.78 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 24.89 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत मूंग का बिजाई क्षेत्र 17.88 लाख हेक्टेयर से घटकर 16.93 लाख हेक्टेयर, मोठ का क्षेत्रफल 6.62 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 4.61 लाख हेक्टेयर और तुवर का रकबा 10 हजार हेक्टेयर से गिरकर 2 हजार हेक्टेयर पर अटक गया। दूसरी ओर उड़द का उत्पादन क्षेत्र 2.66 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2.79 लाख हेक्टेयर तथा चौला का बिजाई क्षेत्र 53 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 54 हजार हेक्टेयर हो गया।

तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 18.40 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 18.64 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। इसके तहत यद्यपि सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 9.03 लाख हेक्टेयर से घटकर 8.06 लाख हेक्टेयर और तिल का रकबा 1.22 लाख हेक्टेयर से गिरकर 65 हजार हेक्टेयर रह गया लेकिन मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 8.05 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.81 लाख हेक्टेयर और अरंडी का क्षेत्रफल 10 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 12 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया। 

राजस्थान में कपास का उत्पादन क्षेत्र 6.14 लाख हेक्टेयर से गिरकर 5.23 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का बिजाई क्षेत्र 13.36 लाख हेक्टेयर से घटकर 11.10 लाख हेक्टेयर रह गया।