राजस्थान में खरीद जारी रहने से गेहूं का स्टॉक और बढ़ने की संभावना

18-Jun-2026 12:02 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक पहले ही बढ़कर वर्ष 2021 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है जबकि राजस्थान में खरीद की प्रक्रिया जारी रहने से इसमें कुछ और वृद्धि होने की संभावना है। चालू रबी मार्केटिंग सीजन में गेहूं की सरकारी खरीद 357 लाख टन पर पहुंच चुकी है जो पिछले साल की इस अवधि में 300 लाख टन के करीब रही थी। 

राजस्थान को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद लगभग बंद हो गई है। इस बार मध्य प्रदेश तथा हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान में भी नियत लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदा गया है जबकि पंजाब और उत्तर  प्रदेश में गेहूं की खरीद नियत लक्ष्य से कुछ पीछे रह गई।

राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य मंत्रालय ने इस बार करीब 346 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है जबकि वास्तविक खरीद इससे 11 लाख टन अधिक हो चुकी है। 

लेकिन इस 357 लाख टन की कुल खरीद में हल्की क्वालिटी के यानी चमकहीन, बदरंग एवं टूट-चिपटे दाने वाले गेहूं की  भागीदारी 68 प्रतिशत या 242 लाख टन बताई जा रही है इसलिए सरकार पर इस गेहूं की जल्दी से जल्दी निकासी का दबाव रहेगा।

वैसे इस गेहूं में प्रोटीन का अंश कम नहीं हुआ है और यह केवल देखने में ही खराब लगता है। राजस्थान में 23.50 लाख टन के नियत लक्ष्य के सापेक्ष 26 लाख टन से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है जो गत वर्ष की तुलना में 27 प्रतिशत ज्यादा है।