राजस्थान में प्रमुख रबी फसलों का बिजाई क्षेत्र घटना चिंता का विषय

16-Dec-2024 12:21 PM

जयपुर । देश के पश्चिमी भाग में अवस्थित एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में रबी फसलों की बिजाई का अभियान या तो समाप्त हो गया है या बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गया है।

राज्य में विभिन्न फसलों की बिजाई के लिए इस बार मौसम की हालत अनुकूल नहीं रबी जिससे गेहूं, चना एवं सरसों के क्षेत्रफल में गिरावट आ गई।

केवल जौ का रकबा ही कुछ बढ़ सका। हालांकि ऊंचे बाजार भाव के कारण किसान वहां रबी फसलों का उत्पादन क्षेत्र बढ़ाना चाहते थे लेकिन बारिश के अभाव तथा ऊंचे तापमान के कारण खेतों की मिटटी में नमी की कमी होने से किसानों को अपने उद्देश्य में पूरी सफलता नहीं मिल सकी।  

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में इस वर्ष रबी फसलों की बिजाई नियत क्षेत्रफल से करीब 15 प्रतिशत कम हुई है जबकि बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है और इसलिए रकबे में ज्यादा सुधार आने की गुंजाईश नहीं है।

गेहूं के उत्पादन क्षेत्र का लक्ष्य 32 लाख हेक्टेयर नियत किया गया है जबकि वास्तविक क्षेत्रफल केवल 28 लाख हेक्टेयर या 88 प्रतिशत तक ही पहुंच सका।

इसी तरह चना का बिजाई क्षेत्र 19.60 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जो 22.50 लाख हेक्टेयर के निर्धारित लक्ष्य से करीब 13 प्रतिशत कम रहा।

सरसों के बिजाई क्षेत्र में 19 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई ओर यह 40.50 लाख हेक्टेयर के निर्यात लक्ष्य की तुलना में सिर्फ 32.70 लाख हेक्टेयर तक पहुंच सका।

केवल जौ का क्षेत्रफल 4 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो 3.80 लाख हेक्टेयर के निर्धारित लक्ष्य से 20 हजार हेक्टेयर या 5 प्रतिशत अधिक रहा। राज्य में रबी फसलों के बेहतर विकास के लिए शीत काल में एक-दो अच्छी बारिश होने थी आवश्यकता है।