सीएसीपी द्वारा दलहनों पर आयात शुल्क बढ़ाने की जरूरत पर जोर

03-Oct-2025 08:44 PM

नई दिल्ली। विभिन्न फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की सिफारिश करने वाला निकाय- कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने अब चना एवं मसूर जैसी रबी कालीन दलहन फसलों पर आयात शुल्क में भारी वृद्धि  करने तथा पीली मटर के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की जरूरत पर जोर दिया है।

आयोग ने हाल ही में 2026-27 के मार्केटिंग सीजन हेतु रबी फसलों के लिए मूल्य नीति संबंधी अपनी रिपोर्ट में सरकार को दलहनों का घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए विदेशों से इसके आयात पर अंकुश लगाने का ठोस उपाय करने का सुझाव दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि तुवर, उड़द एवं पीली मटर के आयात को 31 मार्च 2026 तक के लिए शुल्क मुक्त कर दिया गया है जबकि चना और मसूर पर भी महज 10-11 प्रतिशत का आयात शुल्क लागू है।

इसके फलस्वरूप घरेलू बाजार में दलहनों की कीमतों पर भारी दबाव देखा जा रहा है। खरीफ सीजन में तुवर, मूंग एवं मोठ का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से पीछे रह गया।

यदि कमजोर बाजार भाव से किसान हतोत्साहित  होकर चना एवं मसूर की बिजाई कम क्षेत्रफल में करते हैं तो भारत को विदेशों से भारी मात्रा में दलहनों का आयात करने के लिए विवश होना पड़ेगा और दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य काफी पीछे छूट जाएगा। 

किसानों को दलहनों का ऊंचा एवं लाभप्रद मूल्य प्राप्त होना आवश्यक है तभी इसकी खेती के प्रति उसका उत्साह एवं आकर्षण बढ़ेगा। केन्द्र सरकार ने दलहनों में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन को स्वीकृति प्रदान कर दी है

और इसके लिए 11,440 करोड़ रुपए का बजट भी अनुमोदित कर दिया है जो एक अच्छी पहल है। लेकिन इसके साथ-साथ अन्य पहलुओं को भी नजर अंदाज नहीं किया जाना चाहिए।