सीमा शुल्क स्थगन के बाद भारत द्वारा अर्जेन्टीना से सोया तेल की रिकॉर्ड खरीद
26-Sep-2025 06:22 PM
मुम्बई। अर्जेन्टीना सरकार द्वारा डॉलर उपार्जन बढ़ाने के लिए 22 सितम्बर 2025 को सोयाबीन, सोया तेल, सोया मील, मक्का एवं गेहूं सहित कुछ अन्य उत्पादों पर निर्यात शुल्क को स्थगित रखने की घोषणा की गई।
इसके फलस्वरूप वहां उपरोक्त उत्पादों का निर्यात ऑफर मूल्य काफी घट गया और इसका फायदा उठाते हुए भारतीय आयातकों ने केवल दो दिन में यानी 23 और 24 सितम्बर को वहां लगभग 3 लाख टन सोयाबीन तेल के आयात का अनुबंध कर लिया जो अब तक दो दिनों की खरीद की सबसे बड़ी मात्रा है।
इन दो दिनों के दौरान अर्जेन्टीना को 7 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के कृषि एवं खाद्य उत्पादों का निर्यात सौदा करने में सफलता मिल गई और इसलिए सरकार ने निर्यात शुल्क में छूट की योजना को वापस ले लिया।
उद्योग व्यापार समीक्षकों के अनुसार इस आक्रामक खरीद से अर्जेन्टीना को अपने सोयाबीन तेल का स्टॉक घटाने में सहायता मिलेगी जबकि दूसरी ओर इंडोनेशिया और मलेशिया में पाम तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ जाएगा।
अर्जेन्टीना सरकार ने निर्यात शुल्क से छूट की अवधि 31 अक्टूबर 2025 तक नियत की थी लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि यदि 7 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात सौदे पहले हो गए तो छूट को तत्काल वापस ले लिया जाएगा।
समीक्षकों के मुताबिक महज दो दिनों के अंदर भारत द्वारा अर्जेन्टीना से इतनी विशाल मात्रा में सोयाबीन तेल की खरीद करना अप्रत्याशित घटना है और इन दो दिनों में आयातकों ने पाम तेल की खरीद को काफी हद तक नजर अंदाज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे प्रमुख आयातक देश है और यहां प्रतिमाह औसतन 3.00 लाख टन या उससे कुछ कम सोयाबीन तेल मंगाया जाता है जबकि चालू सप्ताह में महज दो दिनों के अंदर ही 3 लाख टन सोया तेल का आयात अनुबंध हो गया।
डीलरों के मुताबिक अर्जेन्टीना से 1100-1200 डॉलर प्रति टन की दर से सोया तेल का आयात अनुबंध किया गया है जिसमें शिपमेंट खर्च एवं बीमा व्यय भी शामिल है।
कहने का मतलब यह है कि सीआईएफ आधार पर यह आयात सौदा किया गया है। सीमा शुल्क स्थगन के बाद अर्जेन्टीना में सोया तेल के निर्यात ऑफर मूल्य में करीब 50 डॉलर प्रति टन की गिरावट आ गई।
