समुद्री तूफान फेंगल से तमिनाडु में भारी बारिश होने की संभावना
30-Nov-2024 12:45 PM
तिरुअनन्तपुरम । तमिलनाडु तट से दूर दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर फेंगल नामक समुद्री चक्रवाती तूफान का निर्माण हुआ और अब यह उत्तरी-उत्तर प्रश्चिमी दिशा की ओर बढ़ रहा है। वैसे इसकी रफ्तार घटकर महज 7 कि०मी० प्रति घंटा रह गई।
फिलहाल यह चक्रवाती तूफान नागपट्टिनम से 210 कि०मी०, पांडिचेरी से 180 कि०मी० और चेन्नई से 190 कि०मी० की दूरी पर स्थित है।
उपग्रह से प्राप्त चित्र से पता चलता है कि आज सुबह यानी 30 नवम्बर को तमिलनाडु तथा दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के ऊपर अत्यन्त सघन एवं काले बादल छाए हुए थे।
इसका दायरा विशाखपट्नम से लेकर विजयवाड़ा तक, नेल्लोर से लेकर चेन्नई तक तथा आंतरिक भाग में प्रोद्दातुर, तिरुपति, वेल्लोर, सलेम तथा तिरुचिरापल्ली और पांडिचेरी तक फैला हुआ है। इन सभी क्षेत्रों में भारी से लेकर अत्यन्त भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार समुद्र में पानी के ऊपर फेंगल तूफान की रफ्तार धीमी है मगर जब यह स्थलीय भाग में पहुंचेगा तब इसकी गति बढ़कर 70-80 कि०मी० प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
यह तूफान उत्तरी तमिलनाडु-पांडिचेरी तट के पास कराईकल तथा महाबलीपुरम के बीच 30 नवम्बर की शाम तक काफी तेज रफ्तार से पहुंच सकता है।
अनेक पर्यावरणीय कारकों की वजह से इस तूफान को सघन होने में सहायता मिली है। तमिलनाडु, पांडिचेरी एवं दक्षिणी आंध्र प्रदेश पर इस तूफान का विशेष प्रभाव पड़ने की आशंका है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जब तक फेंगल तूफान पांडिचेरी तट के पास स्थलीय क्षेत्र में नहीं पहुंचता है तब तक उत्तरी तमिलनाडु तट के पास अनेक क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इससे वहां रबी फसलों की बिजाई और प्रगति में बाधा पड़ने की आशंका है। दरअसल दक्षिण प्रायद्वीप में उत्तर-पूर्व मानसून अभी सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दाब का क्षेत्रफल रहा है जो बाद में सघन होकर डिप्रेशन और फिर चक्रवाती तूफान में बदल जाता है। वैसे तमिलनाडु के सुदूर आंतरिक भाग तथा केरल अथवा कर्नाटक तक इस तूफान के पहुंचने की नगण्य संभावना है।
