साप्ताहिक समीक्षा- चीनी

06-Dec-2025 06:50 PM

ऊंचा कोटा एवं कमजोर मांग से चीनी का भाव नरम 

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा दिसम्बर 2025 के लिए 22 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा जारी किया गया है जो नवम्बर के कोटा 20 लाख टन से 10 प्रतिशत ज्यादा और सितम्बर 2024 के कोटा 22 लाख टन के बराबर है। 29 नवम्बर से 5 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य एवं हाजिर बाजार भाव में या तो नरमी या स्थिरता देखी गई। मिलों को अपना पुराना कोटा पूरा करना था क्योंकि अगले महीने (दिसम्बर) का कोटा भी प्रभावी हो गया था इसके फलस्वरूप बिक्री का दबाव कुछ बढ़ गया। गुड़ की खपत बढ़ रही है जिसका असर चीनी के कारोबार पर पड़ने की संभावना है। पौष का महीना आरंभ हो गया है जिसमें मांगलिक उत्सव कम होने है। 
मिल डिलीवरी भाव 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 50 रुपए प्रति क्विंटल एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आई और पंजाब तथा मध्य प्रदेश में भाव पिछले स्तर पर बरकरार रहा जबकि बिहार में दाम 80 रुपए बढ़कर 4160/4280 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच  गया। गुजरात में चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में 30 से 80 रुपए प्रति क्विंटल तक की कमी दर्ज की गई क्योंकि वहां खरीदारों की मांग कमजोर रही। 
हाजिर भाव 
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 4400/4450 रुपए प्रति क्विंटल रायपुर में 4100/4150 रुपए प्रति क्विंटल तथा मुम्बई में 3880/4020 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर ही बरकरार रहा जबकि इंदौर में 30 रुपए गिरकर 4100/4150 रुपए तथा कोलकाता में 80 रुपए घटकर 4250/4380 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। चीनी के नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य में 3850/3970 के स्तर पर कोई बदलाव नहीं देखा गया। 
टेंडर 
चीनी के टेंडर मूल्य में नरमी रही। महाराष्ट्र में टेंडर मूल्य 20-30 रुपए गिरकर 3650/3880 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में 30-40 रुपए घटकर 3700/3820 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। भरपूर आपूर्ति एवं कमजोर मांग के कारण चीनी बाजार में फिलहाल नरमी का माहौल बना हुआ है। सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में गन्ना की क्रशिंग आरंभ हो चुकी है और चीनी का घरेलू उत्पादन पिछले साल से काफी आगे चल रहा है।