साप्ताहिक समीक्षा- चीनी

13-Dec-2025 07:46 PM

अत्यन्त सुस्त कारोबार के कारण चीनी के दाम में भारी गिरावट 

नई दिल्ली। दिसम्बर माह के लिए घोषित ऊंचे स्तर के फ्री सेल कोटा के कारण मिलर्स को चीनी की बिक्री बढ़ाने के लिए विवस होना पड़ रहा है जबकि इसकी  मांग कमजोर देखी जा रही है। इसके फलस्वरूप 6 से 12 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य तथा हाजिर बाजार भाव के साथ-साथ टेंडर मूल्य में भी जोरदार गिरावट दर्ज की गई। तापमान में गिरावट आने तथा गुड़-शक्कर की उपलब्ध्ता बढ़ने से चीनी की औद्योगिक एवं घरेलू मांग कमजोर पड़ गई है। 
मिल डिलीवरी भाव 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 रुपए प्रति क्विंटल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 75 रुपए, पंजाब में 170 रुपए, मध्य प्रदेश में 30 रुपए तथा बिहार में 60 रुपए प्रति क्विंटल की भारी गिरावट देखी गई। गुजरात में भी दाम 40 रुपए प्रति क्विंटल तक नीचे आ गया। खरीदारों के पास चीनी का अच्छा खासा स्टॉक बताया जा रहा है।
हाजिर भाव 
चीनी का हाजिर बाजार भाव इंदौर में तो 4100/4150 रुपए प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर बरकरार रहा लेकिन दिल्ली में 70 रुपए लुढ़ककर 4390/4430 रुपए प्रति क्विंटल तथा रायपुर में 50 रुपए घटकर 4050/4100 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। मुम्बई (वाशी) में भी यह 50 रुपए गिरकर 3800/3970 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। वहां चीनी का नाका पोर्ट डिलवरी मूल्य भी 50 रुपए की गिरावट के साथ 3780/3920 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। लेकिन कोलकाता में दाम 10-20 रुपए सुधरकर 4250/4400 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। 
टेंडर 
चीनी का टेंडर मूल्य महाराष्ट्र में 40 रुपए तक गिरकर 3625/3850 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में 90 रुपए तक लुढ़ककर 3620/3780 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। इससे स्पष्ट पता चलता है कि चीनी में खरीदारों की मांग बेहद कमजोर रही। 
उत्पादन / खपत 
घरेलू प्रभाग में चीनी का उत्पादन बढ़ रहा है और उसकी खपत की स्थिति अच्छी नहीं है। लग्नसरा एवं मांगलिक उत्सवों का सीजन भी चीनी की मांग एवं कीमत को सुधारने में सफल नहीं हो रहा है। 
भाव 
अगले कुछ सप्ताहों तक सामान्य उतार-चढ़ाव के साथ इसका बाजार भाव एक निश्चित सीमा में स्थिर रहने की संभावना है। दक्षिण भारत में पोंगल पर्व की वजह से चीनी में थोड़ी-बहुत मांग निकलने की उम्मीद है।