साप्ताहिक समीक्षा-चीनी

14-Dec-2024 07:28 PM

अच्छी उपलब्धता एवं कमजोर मांग से चीनी में नरमी का दौर जारी 

नई दिल्ली । घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति बेहतर रहने तथा मांग कमजोर पड़ जाने से 7-13 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी भाव तथा हाजिर बाजार मूल्य में नरमी का दौर जारी रहा। त्यौहारी सीजन की समाप्ति के बाद से ही चीनी के दाम में गिरावट का रुख बना हुआ है। 
कोटा 
दिसम्बर माह के लिए 22 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा जारी हुआ है और डीलर्स- स्टॉकिस्टों के साथ-साथ अन्य खपतकर्ताओं द्वारा भी इसकी खरीद में जल्दबाजी नहीं दिखाई जा रही है। 
मिल डिलीवरी भाव  
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी मूल्य यद्यपि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 रुपए सुधरकर 388 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 35 रुपए, पंजाब में 41 रुपए, मध्य प्रदेश में 40 रुपए तथा बिहार में 10 रुपए प्रति क्विंटल घट गया। गुजरात में भी 10 रुपए की नरमी रही। मध्य प्रदेश में भाव घटकर 3460/3580 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। 
हाजिर भाव 
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 3960/4150 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 3800/3900 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर स्थिर रहा लेकिन छत्तीसगढ़ के रायपुर में 20 रुपए सुधरकर 3780/3850 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। दूसरी ओर मुम्बई (वासी) में यह 20 रुपए की गिरावट के साथ 3530/3730 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। वहां चीनी का नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी 20 रुपए गिरकर 3480/3680 रुपए प्रति क्विंटल पर अटक गया। 
टेंडर 
महाराष्ट्र में चीनी के टेंडर मूल्य में 10-20 रुपए की गिरावट रही और यह 3325 से 3650 रुपए प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। कर्नाटक में भी टेंडर मूल्य 30 रुपए घट गया। 
गन्ना क्रशिंग 
देश के सभी प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में गन्ना की क्रशिंग जोर शोर से हो रही है मगर चीनी का उत्पादन गत वर्ष से पीछे है। चीनी का निर्यात लम्बे समय से बंद है और घरेलू मांग भी कमजोर है। कीमतों में नरमी का माहौल बना हुआ है जबकि गन्ना से निर्मित एथनॉल के मूल्य में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव लम्बित है। इससे चीनी मिलों की आमदनी घटने लगी है और उसे गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान करने में भारी कठिनाई हो सकती है।