साप्ताहिक समीक्षा- चीनी
31-May-2025 08:30 PM
मासान्त की बिक्री एवं मांग में कमी से चीनी का भाव नरम
नई दिल्ली। मई माह का अंतिम सप्ताह होने से 24-30 मई के दौरान चीनी मिलों को अपने फ्रीसेल कोटे को शेष बचे भाग की बिक्री के लिए विवश होना पड़ा जबकि ग्रीष्मकालीन महीना होने के बावजूद चीनी में औद्योगिक मांग कमजोर देखी गई। इसके फलस्वरूप मिल डिलीवरी भाव तथा हाजिर बाजार मूल्य में आमतौर पर नरमी का माहौल बना रहा।
मिल डिलीवरी भाव
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी भाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में 50 रुपए एवं पंजाब में 10 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा मगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 रुपए तथा मध्य प्रदेश में 15 रुपए घट गगया। बिहार में भाव पिछले स्तर पर स्थिर रहा। गुजरात में चीनी के मिल डिलीवरी भाव में 10 से 45 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई।
हाजिर भाव
चीनी का हाजिर बाजार मूल्य दिल्ली में 30 रुपए बढ़कर 4290/4390 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर इंदौर में 20 रुपए गिरकर 4150/4250 रुपए प्रति क्विंटल तथा रायपुर में 10-15 रुपए फिसलकर 4125/4200 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। कोलकाता में भी चीनी का हाजिर मूल्य 20 रुपए की गिरावट के साथ 4280/4380 रुपए प्रति क्विंटल पर आया।
मुम्बई
मुम्बई (वाशी) मार्केट में चीनी का दाम 20 रुपए गिरकर 3910/4110 रुपए प्रति क्विंटल तथा नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य 20 रुपए घटकर 3860/4060 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में चीनी के टेंडर मूल्य में भी 20-30 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई।
कोटा
सरकार ने मई माह के लिए 23.50 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का फ्री सेल कोटा जारी किया था जो अप्रैल के कोटे के बराबर था। उससे पूर्व फरवरी-मार्च में 23-23 लाख टन का कोटा नियत हुआ था और जून के लिए भी 23 लाख टन का ही कोटा घोषित किया गया है।
मानसून
मानसून के जल्दी आने से कई राज्यों में बारिश होने तथा तापमान घटने से आइसक्रीम एवं कोल्ड ड्रिंक्स की मांग कमजोर पड़ गई है जिससे चीनी की खपत में अपेक्षित बढ़ोत्तरी नहीं हो सकी। चीनी का निर्यात प्रदर्शन भी संतोषजनक नहीं है। ब्राजील में उत्पादन घटने से वैश्विक बाजार भाव नरमी के दलदल से पिछले दिन आंशिक रूप से बाहर आया लेकिन फिर भी काफी नीचे है।
