साप्ताहिक समीक्षा- चीनी

28-Jun-2025 08:02 PM

सामान्य कारोबार के साथ चीनी के दाम में मिश्रित रुख 

नई दिल्ली। चीनी की घरेलू मांग ज्यादा मजबूत नहीं है और बल्क खरीदार सीमित मात्रा में इसकी लिवाली कर रहे हैं। मानसून की बारिश का दायरा काफी बढ़ गया है और देश के विभिन्न भागों में बारिश होने तथा तापमान घटने से आइसक्रीम एवं कोल्ड ड्रिंक्स सहित कई अन्य उत्पादों के निर्माण में चीनी के उपयोग में अपेक्षित बढ़ोत्तरी नहीं हो रही है। इसके फसलवरूप 21-27 जून वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी भाव तथा हाजिर बाजार मूल्य में मिश्रित रुख देखा गया। 
मिल डिलीवरी भाव 
आलोच्य सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 रुपए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 रुपए तथा बिहार में 30 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार आया जबकि पंजाब में 20 रुपए तथा मध्य प्रदेश में 5 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। गुजरात में भी दाम 10 रुपए नरम रहा। 
हाजिर भाव 
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 10 रुपए सुधरकर 4210/4310 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 20 रुपए बढ़कर 4100/4200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर रायपुर में 25-50 रुपए घटकर 4075/4150 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। मुम्बई (वाशी) मार्केट में भाव 20 रुपए की वृद्धि के साथ 3890/4090 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा और नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी इतना ही बढ़कर 3840/4040 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। कोलकाता में 20 रुपए की बढ़त रही।
टेंडर 
चीनी का टेंडर मूल्य महाराष्ट्र में 10 रुपए सुधरकर 3720/3960 रुपए प्रति क्विंटल और कर्नाटक में भी 5-10 रुपए सुधरकर 3775/3890 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा गया।
कोटा 
केन्द्र सरकार ने जुलाई माह के लिए 22 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा नियत किया है मगर बाजार पर इसका असर आगामी दिनों में सामने आएगा। यह मात्रा जून के कोटा 23 लाख टन तथा जुलाई 2024 के कोटा 24 लाख टन से कम है। जून के अंत में उद्योग के पास 1.50 लाख टन चीनी का अनबिका स्टॉक बच सकता है। इससे भी बाजार प्रभावित होने की संभावना है। चीनी का निर्यात धीमी गति से हो रहा है। घरेलू बाजार भाव आगे भी निश्चित दायरे में घूमता रह सकता है।