साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं
31-May-2025 09:05 PM
स्टॉक सीमा लागू होने से गेहूं की कीमतों पर दबाव
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा 28 मई से भंडारण सीमा (स्टॉक लिमिट) लागू किए जाने के बाद गेहूं के थोक मंडी मूल्य पर दबाव बढ़ने लगा है। हालांकि 24-30 मई वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं का भाव 2750 रुपए प्रति क्विंटल एक स्तर पर स्थिर रहा और राजकोट में भी कोई खास उतार-चढ़ाव नहीं आया लेकिन इंदौर में यह 210 रुपए लुढ़ककर 2450/2870 रुपए प्रति क्विंटल तथा इटारसी में 50 रुपए गिरकर 2500/2550 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
राजस्थान
राजस्थान के कोटा एवं बूंदी में गेहूं की कीमत 50-50 रुपए नीचे आ गई। उत्तर प्रदेश में सीमित उतार-चढ़ाव रहा। वहां गेहूं का भाव शहजहांपुर में 10 रुपए तथा गोरखपुर में 20 रुपए तेज रहा जबकि हरदोई में 10 रुपए, सीतापुर में 14 रुपए तथा गोंडा में 25 रुपए प्रति क्विंटल नरम पड़ गया।
भाव
अधिकांश मंडियों में गेहूं का भाव केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूतनम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊंचा चल रहा है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने चालू चर्ष के दौरान गेहूं का घरेलू उत्पादन तेजी से उछलकर 1175.10 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है जो पिछले साल के रिकॉर्ड उत्पादन 1135 लाख टन से काफी अधिक है।
रिकॉर्ड उत्पादन
खाद्य मंत्रालय को इस बात की हैरानी हो रही है कि ऐतिहासिक रिकॉर्ड उत्पादन और प्राइवेट क्षेत्र की भरपूर खरीद के बावजूद गेहूं की कीमतों में तेजी-मजबूत का माहौल बना हुआ है। कीमतों को नीचे लाने के उद्देश्य से गेहूं पर भंडारण सीमा का आदेश लागू किया गया है और खुले बाजार बिक्री योजना के तहत केन्द्रीय पूल से बाजार में गेहूं का स्टॉक उतारने की तैयारी की रही है।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी निर्यात लक्ष्य से बहुत कम हुई जबकि वह देश का सबसे प्रमुख खाद्यान्न उत्पादक राज्य है। इसका मतलब यह हुआ कि वहां किसानों के साथ गेहूं का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है जिसे आगामी महीनों के दौरान आपूर्ति के ऑफ सीजन में बेचने के लिए आरक्षित रखा गया है। यूपी में गेहूं की प्राइवेट खरीद अच्छी हुई है।
