साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

06-Sep-2025 07:57 PM

सामान्य कारोबार के साथ गेहूं के दाम में सीमित सुधार     

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में माल की आवक कम होने तथा कारोबारी गतिविधियां सामान्य रहने से 30 अगस्त- 5 सितम्बर वाले सप्ताह के दौरान गेहूं के दाम में 25-50 रुपए प्रति क्विंटल का सीमित सुधार दर्ज किया गया। राजस्थान के उनके जिलों में बाढ़ वर्षा के कारण यातायात प्रभावित होने से मंडियों में गेहूं की आवक घट गई। 
दिल्ली 
लेकिन दिल्ली में आवक 4000 से 9000 बोरी दैनिक के बीच दर्ज की गई। मिलर्स की अच्छी मांग से वहां कीमत भी 35 रुपए बढ़कर 2850/2860 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। 
भंडारण सीमा 
सरकार ने गेहूं पर लगी भंडारण सीमा को पिछले महीने और भी जटिल बना दिया लेकिन फिर भी मंडियों में आपूर्ति में कोई खास सुधार नहीं देखा जा रहा है। उससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि व्यापारियों / स्टॉकिस्टों के पास इस खाद्यान्न का सीमित स्टॉक बचा हुआ है। 
बिक्री 
उम्मीद की जा रही थी कि सरकार सितम्बर में खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने स्टॉक से गेहूं की नीलामी बिक्री आरंभ कर देगी मगर पहला सप्ताह समाप्त होने वाला है और सरकार की ओर से बिक्री शुरू करने के लिए अभी तक कोई सकारात्मक संकेत भी नहीं दिया गया है। 
उज्जैन 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान मध्य प्रदेश की अधिकांश मंडियों में गेहूं का भाव पुराने स्तर पर ही स्थिर रहा मगर उज्जैन में यह 50 रुपए बढ़कर 2615/3100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। डबरा में 20 रुपए की नरमी रही। 
राजस्थान 
राजस्थान में कम आवक एवं सामान्य कारोबार के कारण गेहूं का दाम कोटा में 25 रुपए बढ़कर 2650/2700 रुपए प्रति क्विंटल तथा बूंदी में 20 रुपए सुधरकर 2575/2600 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा।
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की मंडियों में भी गेहूं की कीमतों में अधिकतम 43 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। गेहूं का दाम गोरखपुर में 40 रुपए, गोंडा में 20 रुपए तथा मैनपुरी में 43 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया जबकि अन्य मंडियों में भाव या तो पिछले स्तर पर स्थिर रहे या उसमें मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। 
मंडी भाव / स्टॉक 
गेहूं का थोक मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य से कुछ ऊंचा चल रहा है और बाजार सीमित घट बढ़ के साथ काफी हद तक शांत और स्थिर बना हुआ है इसलिए शायद सरकार को ओएमएसएस में अपने स्टॉक को उतारने की आवश्यकता महसूस  नहीं हो रही है।