साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
19-Oct-2025 01:27 PM
पीक त्यौहारी सीजन के बावजूद गेहूं के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली। दुर्गापूजा के बाद देश में दीपावली पर्व के लिए चहल-पहल बढ़ गई है लेकिन गेहूं के दाम में कोई विशेष तेजी नहीं देखी जा रही है। प्रमुख थोक मंडियों में गेहूं की सामान्य आवक हो रही है और इस महत्वपूर्ण खाद्य पर स्टॉक सीमा भी लागू है।
एमएसपी में बढ़ोत्तरी
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा अभी तक खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के माध्यम से अपने स्टॉक से गेहूं बेचने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है लेकिन फिर भी कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इतना ही नहीं बल्कि आगामी रबी मार्केटिंग सीजन के लिए सरकार द्वारा गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई अच्छी बढ़ोत्तरी का इसके बाजार भाव पर कोई सकारात्मक मनोवैज्ञानिक असर नहीं देखा जा रहा है।
भाव
11-17 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 2800/2825 रुपए प्रति क्विंटल के पुराने स्तर पर स्थिर रहा जबकि इसकी दैनिक आवक 6-7 हजार बोरी दर्ज की गई।
गुजरात / एमपी
गुजरात की कमजोर मंडी में ऊंचे में इसका भाव 100 रुपए बढ़कर 3200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर नीचे में 2500 रुपए पर स्थिर रहा। मध्य प्रदेश के डबरा एवं इटारसी मंडी में गेहूं का दाम कुछ नरम रहा मगर उज्जैन में 50 रुपए सुधरकर 2420/3150 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।
राजस्थान
राजस्थान की मंडियों में कुछ सुधार आया। वहां गेहूं का भाव कोटा मंडी में 100 रुपए बढ़कर 2450/2600 रुपए प्रति क्विंटल तथा बूंदी मंडी में 20 रुपए सुधरकर 2460/2540 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की अधिकांश मंडियों में गेहूं का दाम या तो पिछले स्तर पर स्थिर रहा या कुछ नरम पड़ गया। केवल मैनपुरी में यह 30 रुपए सुधरकर 2501 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र की जालना मंडी में भाव 50 रुपए नरम रहा। अधिकांश प्रमुख मंडियों में गेहूं का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास या उससे नीचे आ गया है जिससे इसकी बिजाई प्रभावित हो सकती है।
