साप्ताहिक समीक्षा - गेहूं

29-Nov-2025 07:01 PM

अच्छी आपूर्ति एवं सीमित मांग से गेहूं का भाव नरम 

नई दिल्ली। शानदार बिजाई का सिलसिला जारी रहने तथा मौसम की हालत अनुकूल होने से गेहूं का गला उत्पादन बेहतर होने का अनुमान लगाया जा रहा है। थोक मंडियों में माल की अच्छी आवक हो रहे है और मिलर्स-प्रोसेसर्स को सरकारी स्टॉक से भी गेहूं मिल रहा है। गेहूं पर भंडारण सीमा को अभी तक कायम नहीं किया गया है। खरीदारों के पास विकल्प मौजूद होने से उन्हें अपनी जरूरत के लायक गेहूं पाने के लिए न तो ज्यादा भाग दौड़ करनी पड़ रही है और न ही जल्दबाजी दिखाने की जरूरत पड़ रही है। आगामी दिनों में भी गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति काफी हद तक सुगम बनी रह सकती है। 
दिल्ली 
22-28 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 10 रुपए गिर कर 2755/2790 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। इसी तरह मध्य प्रदेश के डबरा में 20 रुपए तथा उज्जैन में 50 रुपए की नरमी रही जबकि इंदौर एवं देवास सहित राज्य की अन्य मंडियों और गुजरात के राजकोट में भाव पिछले स्तर पर स्थिर बना रहा। 
राजस्थान 
लेकिन राजस्थान में गेहूं के दाम में कुछ सुधार दर्ज किया गया। आलोच्य सप्ताह के दौरान वहां गेहूं का भाव कोटा मंडी में 45 रुपए बढ़कर 2450/2560 रुपए प्रति क्विंटल तथा बूंदी मंडी में 25 रुपए सुधरकर 2425/2550 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। सरकारी गेहूं का न्यूनतम आरक्षित मूल्य 2550 रुपए प्रति क्विंटल नियत है जिसके मुकाबले थोक मंडी भाव नीचे चल रहा है। यही कारण है कि भारतीय खाद्य निगम के गेहूं की खरीद में मिलर्स प्रोसेसर्स बहुत कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं का भाव 10-20 रुपए प्रति क्विंटल नरम रहा जबकि महाराष्ट्र की जालना मंडी में यह 2500/2650 रुपए पर स्थिर देखा गया। दिल्ली में गेहूं की दैनिक आवक घटकर 4-5 हजार बोरी रह गई फिर भी कमजोर मांग के कारण कीमतों में नरमी देखी गई। प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं की अच्छी बिजाई हो रही है और क्षेत्रफल गत वर्ष से काफी आगे चल रहा है।