साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
07-Feb-2026 07:43 PM
सामान्य कारोबार के बीच गेहूं के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और उद्योग- व्यापार क्षेत्र के पास भी इसका समुचित स्टॉक बताया जा रहा है। खुले बाजार बिक्री योजना के तहत गेहूं का उठाव उम्मीद से काफी कम हो रहा है और खुले बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता की सुगम स्थिति के कारण कीमतों पर काफी हद तक दबाव बना हुआ है। गेहूं का अगला उत्पादन शानदार होने के आसार हैं जिससे इसकी आपूर्ति और भी बढ़ जाएगी। गेहूं पर लागू भंडारण सीमा को ऐसे समय में हटाया गया है जब इससे बाजार पर कोई विशेष अंतर पड़ने की संभावना नहीं है।
दिल्ली
31 जनवरी- 6 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान सामान्य कारोबार के बीच गेहूं के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। दिल्ली में गेहूं का भाव 20 रुपए सुधरकर 2790/2810 रुपए तथा देवास में 100 रुपए बढ़कर 2350/3000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा लेकिन उज्जैन एवं राजकोट में 100-100 रुपए प्रति क्विंटल घट गया।
आवक
दिल्ली में सप्ताह के आरंभ में 3-4 हजार बोरी गेहूं की दैनिक आवक हो रही थी जो अंतिम दिनों में बढ़कर 8-9 हजार बोरी पर पहुंच गई। इटारसी में भाव 100 रुपए मजबूत हुआ। राजस्थान की मंडियों में स्थिरता रही जबकि उत्तर प्रदेश में भाव कमजोर रहा। महाराष्ट्र की जालना मंडी में कोई बदलाव नहीं देखा गया।
सरकारी खरीद
सरकारी गेहूं की खरीद में केवल पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं आसाम जैसे राज्यों में मिलर्स / प्रोसेसर्स ही ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं जबकि शेष प्रांतों में खरीद की गति धीमी है। खुले बाजार में गेहूं का भाव नरम चल रहा है और निकट भविष्य में इसमें भारी तेजी आने की संभावना बहुत कम है। सरकार ने 5 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की स्वीकृति दे रही है लेकिन गेहूं के दाम पर इसका कोई मनोवैज्ञानिक असर नहीं देखा जा रहा है।
