साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

21-Feb-2026 06:26 PM

कमजोर लिवाली से गेहूं की कीमतों पर दबाव भारी  

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में सामान्य आवक एवं कमजोर उठाव के कारण 14-20 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान गेहूं की कीमतों पर दबाव बरकरार रहा और तमाम सरकारी उपायों के बावजूद इसमें तेजी-मजबूती का माहौल नहीं बन पाया। सरकार ने गेहूं पर स्टॉक लिमिट को समाप्त करते हुए 25 लाख टन गेहूं एवं 10 लाख टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दी है मगर बाजार पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। इतना ही नहीं बल्कि ओएमएसएस वाले सरकारी गेहूं की बिक्री भी बहुत धीमी गति से हो रही है। 
दिल्ली 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं का भाव 10 रुपए नरम पढ़कर 2700/2720 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में  125 रुपए घटकर 2275/2750 रूपए प्रति क्विंटल रह गया। 
राजस्थान / यूपी 
राजस्थान की बूंदी मंडी भी 20 रुपए नरम रही। इसी तरह उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में गेहूं का भाव टूट रहा है। कुल मिलाकर सप्ताह के दौरान गेहूं की कीमतों में या तो स्थिरता या गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर दिसम्बर से फरवरी के दौरान आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से गेहूं का भाव ऊंचा एवं तेज रहता है लेकिन इस बार स्थिति विपरीत देखी जा रही है। 
पर्याप्त स्टॉक 
सरकार के पास गेहूं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है और अगला उत्पादन भी शानदार होने वाला है। मार्च के तीसरे-चौथे सप्ताह से नए गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी।