साप्ताहिक समीक्षा-जीरा
31-May-2025 08:58 PM
बढ़ सकते हैं जीरा के भाव : चीन में जीरा कटाई शुरू
नई दिल्ली। जानकार सूत्रों का कहना है कि जीरा कीमतों में अब धीरे-धीरे तेजी की बनाने के अनुमान लगाए जाने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार चीन में जीरा कटाई का कार्य आरंभ हो गया है लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते फसल को नुकसान की आशंका व्यक्त की जाने लगी है। जिस कारण वर्तमान में वायदा एवं हाजिर बाजारों में कीमतें मजबूती के साथ बोली जाने लगी है। लेकिन कीमतों में अधिक तेजी संभव नहीं है। क्योंकि जुलाई माह में टर्की, सीरिया, अफगानिस्तान में भी नए जीरे की आवक शुरू हो जाएगी। जिस कारण से भारतीय जीरे की निर्यात मांग प्रभावित हो। लेकिन अभी हाल-फिलहाल बाजार मजबूत रहने के अनुमान लगाए जा रहे है। उल्लेखनीय है कि चालू सप्ताह के शुरू में कीमतें मंडी बोली जाने के पश्चात सप्ताह के अंत में बाजार में तेजी दर्ज की गई।
आवक कम
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण मंडियों में जीरे की दैनिक आवक घटनी शुरू हो गई है। गुजरात की प्रमुख मंडी ऊंझा में आवक घटकर 8/9 हजार बोरी की रह गई है। जबकि राजकोट एवं गोंडल मंडी में आवक 500/600 बोरी की हो रही है। अन्य मंडियों में भी आवक सीमित चल रही है। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में गुजरात की गोंडल में जीरे की दैनिक आवक 15500/16000 बोरी की हो रही है।
राजस्थान की मंडियों में भी आवक घट गई है। जोधपुर मंडी में आवक 800/900 बोरी मेडता एवं नागौर में आवक 2000/2500 बोरी की रह गई है। सूत्रों का कहना है कि राजस्थान की मंडियों में वर्तमान में जीरे की दैनिक आवक 8/9 हजार बोरी की रह गई है।
कुल आवक
सूत्रों का मानना है कि अभी तक गुजरात की मंडियों में जीरे की कुल आवक 36/37 लाख बोरी की हो चुकी है जबकि उत्पादन अनुमान 42/45 लाख बोरी के लगाए गए थे। राजस्थान की मंडियों में अभी तक जीरे की कुल आवक 18/20 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि राजस्थान में जीरा उत्पादन 48/50 लाख बोरी होने के समाचार है। उल्लेखनीय है कि बिजाई क्षेत्रफल में गिरावट आने के कारण चालू सीजन के दौरान देश में जीरे का कुल उत्पादन 90/95 लाख बोरी का रह जाने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन 1.10 करोड़ बोरी का रहा था।
अधिक मंदा नहीं
जीरे की वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि भाव काफी घट चुके हैं इसके अलावा मंडियों में आवक भी कम होने लगी है। इसके अलावा चीन की फसल को भी नुकसान की आशंका से चलते आगामी दिनों में निर्यात में सुधार संभव है। जिस कारण से जून माह के दौरान जीरे के भाव मजबूत रहने की संभावना है। वर्तमान में जीरे का निर्यात भाव 4210 रुपए प्रति 20 किलो पर बोला जाने लगा है। गुजरात की मंडियों में एवरेज क्वालिटी जीरे के भाव 3900/4100 रुपए बोले जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि हालांकि राजस्थान में किसानों के पास अभी भी जीरे का पर्याप्त स्टॉक है लेकिन यह स्टॉक भाव बढ़ने पर बाजार में आएगा।
निर्यात अधिक
गत वर्ष देश में जीरे की पैदावार अधिक होने के कारण जीरे के भाव नरमी के साथ बोले गए। जिस कारण से वर्ष 2024-25 के प्रथम ग्यारह माह में जीरे के निर्यात में शानदार 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि मात्रा में अधिक वृद्धि रही लेकिन निर्यात भाव कम मिलने के कारण आय में केवल 17 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल - 24 - फरवरी - 2025 के दौरान जीरे का निर्यात 211143.75 टन का किया गया। और निर्यात से प्राप्त आय 5734.36 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल - 23 - फरवरी- 2024 के दौरान जीरे का निर्यात 132019 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 4885.80 करोड़ की रही।
