साप्ताहिक समीक्षा- लालमिर्च

12-Sep-2026 07:42 PM

मध्य प्रदेश में नए लालमिर्च की आवक शुरू : बढ़ेगा उत्पादन 

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान लालमिर्च के भाव मजबूती के साथ बोले गए। क्योंकि प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में बारिश की कमी के चलते अभी तक लालमिर्च की बिजाई 40/50 प्रतिशत हो पाई है लेकिन सूत्रों का कहना है कि हाल ही में हुई बारिश से आगामी दिनों में बिजाई का कार्य जोरों पर शुरू हो जाएगा। हालांकि बिजाई में लगभग एक माह का विलम्ब हो गया है लेकिन किसानों को भाव ऊंचे मिलने के कारण बिजाई क्षेत्रफल में वृद्धि होगी। इसके अलावा कर्नाटक में भी लालमिर्च की बिजाई गत वर्ष की तुलना में अधिक रहने के समाचार मिल रहे है। उल्लेखनीय है कि किसानों को इस वर्ष आकर्षक भाव मिलने के कारण मध्य प्रदेश में लालमिर्च की बिजाई दो-ढाई गुना अधिक क्षेत्रफल पर की गई। बिजाई के पश्चात मौसम भी फसल के अनुकूल रहा जिस कारन से अभी तक फसल की स्थिति अच्छी मानी जा रही है। हाल ही में प्रमुख मंडी बेडिया में नए माल का श्रीगणेश हुआ है। और 35/40 क्विंटल नए लालमिर्च की आवक हुई। नए मालों में डंडीदार का भाव 150/170 रुपए एवं डंडीकट का भाव 200/240 रुपए प्रति किलो बोला गया। सूत्रों का मानना है कि अगर आगामी दिनों में भी मौसम फसल के अनुकूल रहा तो इस वर्ष निश्चित ही मध्य प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन 55/60 लाख बोरी का हो सकता है। गत वर्ष उत्पादन 25/28 लाख बोरी का रहा था। 
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष उत्पादक केन्द्रों पर बिजाई क्षेत्रफल में कमी आने के कारण वर्तमान में मंडियों में स्टॉक भी कम रह गया है। स्टॉक की कमी के चलते भाव भी ऊंचे बोले जा रहे हैं। 
स्टॉक 
उत्पादक केन्द्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में लालमिर्च की प्रमुख मंडी गुंटूर में लालमिर्च का स्टॉक 34/35 लाख बोरी होने के समाचार है जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में स्टॉक 44/45 लाख बोरी का माना जा रहा था। खम्मम मंडी में भी लालमिर्च का स्टॉक गत वर्ष के 18/20 लाख बोरी के मुकाबले 14/15 लाख बोरी होने के समाचार है। वारंगल  में स्टॉक 12/13 लाख बोरी माना जा रहा है। जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में स्टॉक 17/18 लाख बोरी का था।
आवक 
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण वर्तमान में मंडियों में किसानी माल की आवक काफी कम रही गई है। प्रमुख मंडी गुंटूर में आवक 10/12 हजार बोरी की रह गई है जबकि खम्मम में 8/10 हजार बोरी एवं वारंगल 5/6 हजार बोरी की हो रही है। सूत्रों का कहना है कि किसानी माल की आवक हल्की क्वालिटी की हो रही है। अधिकांश व्यापार कोल्ड के मालों का हो रहा है। 
मन्दा-तेजी 
वर्तमान में निर्यातकों की खरीद सीमित है लेकिन आवक कम होने के कारण भाव मजबूत बने हुए हैं। वर्तमान में गुंटूर मंडी में तेजा क्वालिटी का भाव 225/226 रुपए एवं खम्मम 229/230 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अभी बाजार मजबूत बने रहेंगे क्योंकि मध्य प्रदेश की मंडियों में नए मालों की आवक का दबाव अक्टूबर माह में बनेगा। तब तक कीमतों में अधिक मन्दा संभव नहीं है। अगर आगामी दिनों में मध्य प्रदेश में मौसम प्रतिकूल बन जाता है तो भावों में तेजी बनने की संभावना है।
निर्यात कम 
चीन की कमजोर मांग एवं भाव ऊंचे होने के कारण अन्य देशों की मांग भी कमजोर बनी रहने के कारण लालमिर्च का निर्यात गत वर्ष की तुलना में कम रहा। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2026-27 के प्रथम दो माह अप्रैल-मई 2026 के दौरान लालमिर्च का निर्यात मात्रात्मक रूप में 35 प्रतिशत घटा है लेकिन निर्यात कीमत अधिक मिलने के कारण आय गत वर्ष के बराबर रही। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-मई- 2026 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 119438 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 2603 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-मई-2025 में निर्यात 185011 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 2592 करोड़ की रही। वर्ष 2025-26 के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 683681 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 10395.59 करोड़ की रही।