साप्ताहिक समीक्षा- धान-चावल

12-Sep-2026 07:47 PM

मांग कमजोर रहने से धान-चावल का भाव नरम 

नई दिल्ली। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में धान की सीमित आवक हो रही है मगर मिलर्स / प्रोसेसर्स की सुस्त लिवाली के कारण इसकी कीमतों में आमतौर पर नरमी का माहौल बना हुआ है। पंजाब की मंडियों में धान की आपूर्ति में अप्रत्याशित वृद्धि देखी जा रही है और हरियाणा की कुछ मंडियों में भी थोड़ी-बहुत आवक हो रही है मगर राजस्थान की मंडियां सूनी पड़ने लगी हैं। उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में धान आ रहा है। छत्तीसगढ़ में (ए ग्रेड) का धान नियमित रूप से पहुंच रहा है। 
दिल्ली 
5-11 सितम्बर वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में धान की आवक बढ़ते हुए 18 हजार बोरी तक पहुंच गई लेकिन कमजोर मांग के कारण 1509 कम्बाइन धान का भाव 210 रुपए घटकर 3790 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। छत्तीसगढ़ के भाटापाड़ा में 5000-6000 बोरी तथा राजिम में 3000-5000 बोरी धान रोजाना पहुचा लेकिन खरीदारी अच्छी होने से भाटापाड़ा में एचएमटी तथा श्रीराम धान के दाम में 140 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। 
पंजाब / अमृतसर 
पंजाब के अमृतसर, फाजिल्का एवं तरन तारन में बासमती धान की भारी आवक होने लगी है मगर कारोबार इसके अनुरूप नहीं होने से कीमतों में कुछ नरमी देखी गई। इसी तरह हरियाणा के तरावड़ी, टोहाना तथा गोहाना में धान की आवक हो रही है।
चावल  
जहां तक चावल का सवाल है तो समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान अनेक मार्केट में उसका कारोबार कमजोर रहा जिससे कीमतों में 200/300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ गई। बासमती चावल के निर्यात प्रदर्शन में अपेक्षित सुधार नहीं आ रहा है क्योंकि ईरान के पास होर्मुज स्ट्रेट का जलमार्ग अब भी असुरक्षित बना हुआ है। 
अमृतसर 
अमृतसर में चावल का दाम काफी कम हो गया। परमल स्टीम में 550 रुपए प्रति क्विंटल तथा अन्य चावल में 200/250 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट रही। कोटा में भी 1718 सेला चावल का दाम 600 रुपए प्रति क्विंटल घट गया। लेकिन हरियाणा के करनाल में चावल के मूल्य में 500 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी दर्ज की गई।