साप्ताहिक समीक्षा-सरसों
14-Dec-2024 07:57 PM
व्यापारियों एवं मिलर्स की कमजोर मांग से सरसों का भाव नरम
नई दिल्ली। खाद्य तेल-तिलहन बाजार में जारी नरमी के प्रभाव एवं मिलर्स- व्यापारियों की सीमित मांग के कारण 6 से 12 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान सरसों तथा इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों के दाम में गिरावट का माहौल देखा गया। नवम्बर में 15 लाख टन से अधिक खाद्य तेलों का विशाल आयात होने से बाजार भाव पर दबाव बना रहा।
42% कंडीशन सरसों
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में 50 रुपए गिरकर 6350 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 25 रुपए फिसलकर 6500/6525 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। सामान्य औसत क्वालिटी की सरसों का दाम भी गुजरात के डीसा, हरियाणा के बरवाला एवं चरखी दादरी, मध्य प्रदेश के मुरैना, पोरसा एवं ग्वालियर तथा उत्तर प्रदेश के आगरा में नरम रहा। इसी तरह देश के सबसे प्रमुख कृषि उत्पादक राज्य-राजस्थान के भरतपुर, अलवर, खैरथल तथा बूंदी में 40 से 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की नरमी देखी गई।
स्टॉक / बिजाई
सरसों तेल में घरेलू मांग सामान्य स्तर पर आ गई है जबकि सरसों खल का निर्यात प्रदर्शन ज्यादा उत्साहवर्धक नहीं देखा जा रहा है। हालांकि राजस्थान में सरसों की बिजाई काफी पिछड़ गई है लेकिन अभी किसानों, व्यापारियों तथा सरकारी एजेंसियों (नैफेड एवं हैफेड) के पास इसका अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है। राष्ट्रीय स्तर पर सरसों की दैनिक आवक घटकर 1.50-2.00 लाख बोरी के बीच रह गई है जिससे संकेत मिलता है कि घटते भाव को देखते हुए किसानों ने अपने स्टॉक की बिकवाली सीमित कर दी है। इसके बावजूद बाजार तेज नहीं हो रहा है। सरकारी एजेंसियों द्वारा नियमित रूप से अपना स्टॉक बेचा जा रहा है।
सरसों तेल
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सरसों तेल के दाम में 15 से 40 रुपए प्रति 10 किलो तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। एक्सपेलर का भाव दिल्ली में 35 रुपए घटकर 1300 रुपए चरखी दादरी में 30 रुपए घटकर 1330 रुपए तथा भरतपुर में 40 रुपए गिरकर 1280 रुपए प्रति 10 किलो रह गया।
सरसों खल (डीओसी)
सरसों खल का दाम राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अलवर एवं खैरथल तथा मध्य प्रदेश के मुरैना में 35 से 80 रुपए प्रति क्विंटल तक नीचे आ गया।
