साप्ताहिक समीक्षा - सरसों
29-Nov-2025 07:14 PM
सामान्य कारोबार के बीच सरसों की कीमत में सीमित उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों की बिजाई में अच्छी प्रगति हो रही है जिससे मंडियों में पुराने स्टॉक की आवक बढ़ रही है। फरवरी से नई सरसों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। मिलर्स-प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों की मांग की तीव्रता में अब कमी आ गई है जिससे कीमतों पर कहीं-कहीं दबाव पड़ने लगा है।
42% कंडीशन सरसों
22-28 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 7000 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा मगर जयपुर में 25 रुपए गिरकर 7225 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों के दाम में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल का उतार-चढ़ाव देखा गया।
भाव
गुजरात एवं हरियाणा की मंडियां आमतौर पर नरम रही लेकिन मध्य प्रदेश के मुरैना, पोरसा एवं ग्वालियर में भाव 50 रुपए सुधर गया। इसी तरह राजस्थान में गंगानगर में सरसों का मूल्य 100 रुपए गिरकर 6100/6800 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया जबकि बूंदी में 100 रुपए सुधरकर 6200/6400 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। अन्य मंडियों में सरसों के दाम में सीमित बढ़ोत्तरी देखी गई या फिर स्थिरता बनी रही। उत्तर प्रदेश की हापुड़ मंडी में 50 रुपए तथा आगरा मंडी में 25 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी दर्ज की गई।
सरसों तेल
इसी तरह सरसों तेल (एक्सपेलर एवं कच्ची घानी) के दाम में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। एक्सपेलर तेलका मूल्य दिल्ली में 20 रुपए गिरकर 1440 रुपए प्रति 10 किलो तथा मुम्बई में 30 रुपए घटकर 1480 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। हापुड़ में कच्ची घानी तेल की कीमत 20 रुपए नरम पड़कर 1560/1580 रुपए प्रति 10 किलो रह गई। लग्नसरा एवं मांगलिक उत्सवों का सीजन होने के बावजूद सरसों तेल की जोरदार मांग नहीं देखी जा रही है क्योंकि इसका भाव कुछ ऊंचे स्तर पर है।
आवक
प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में सरसों की सामान्य आवक हो रही है और इसकी खरीद-बिक्री में भी ज्यादा अंतर नहीं देखा जा रहा है।
सरसों खल
सरसों खल में कारोबार कुछ कमजोर रहा जिससे इसके दाम में 20-40 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी देखी गई। दिल्ली में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत ज्यादा रहा। चीन के आयातक सरसों डीओसी की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सरसों की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है।
