साप्ताहिक समीक्षा- सरसों
06-Dec-2025 07:05 PM
व्यापारियों एवं मिलर्स की लिवाली से सरसों के दाम में सुधार
नई दिल्ली। किसानों, उद्यमियों- व्यापारियों एवं सरकारी एजेंसियों के पास सरसों का स्टॉक सीमित होता जा रहा है। मंडियों में इसकी आवक कम हो रही है जबकि तेल मिलर्स की मजबूत मांग बरकरार है। सर्दियों में आमतौर पर खाद्य तेल की खपत बढ़ जाती है। उधर चीन के आयातक भारतीय सरसों खल (रेपसीड मील) की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
42% कंडीशन सरसों
29 नवम्बर से 5 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान सरसों बाजार में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल की तेज देखी गई। 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली तथा जयपुर में 50 रुपए बढ़कर क्रमश: 7050 रुपए प्रति क्विंटल तथा 7300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। इसी तरह विभिन्न उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों के दाम में भी सुधार दर्ज किया गया।
हरियाणा
हरियाणा के सिरसा में भाव 100 रुपए तेज रहा। धनेरा में भी इतनी ही वृद्धि हुई। मध्य प्रदेश में 50-75 रुपए का सुधार आया। उत्तर प्रदेश की हापुड़ मंडी में 50 रुपए एवं आगरा मंडी में 25 रुपए की मजबूती रही।
राजस्थान
सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में भी आमतौर पर सरसों के दाम में 25-50 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। लेकिन भरतपुर में दाम 25 रुपए नरम पड़कर 6875 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। सभी मंडियों में सरसों का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी ऊपर चल रहा है जिससे इसकी खेती में किसानों का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है और इसके बिजाई क्षेत्र में वृद्धि हो रही है।
सरसों तेल
सरसों का भाव सुधरने से इसके तेल के दाम में भी 10 रुपए प्रति 10 किलो तक की वृद्धि हुई। एक्सपेलर तेल का दाम दिल्ली तथा मुरैना में 10-10 रुपए बढ़कर 1460 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंचा अलवर में कच्ची घानी सरसों तेल के दाम में 10 रुपए की वृद्धि हुई।
सरसों खल (डीओसी)
सरसों खल में अच्छा कारोबार हुआ और इसके दाम में 120 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। सरसों डीओसी की घरेलू एवं निरयत मांग बेहतर होने से इसके दाम में 200-300 रुपए प्रति टन सुधार आया।
स्टॉक
कुल मिलकर पिछला सप्ताह सरसों क्षेत्र के लिए अच्छा रहा सरकार के पास करीब 5 लाख टन सरसों का स्टॉक मौजूद है जिसे मिलाकर राष्ट्रीय स्तर पर इसकी कुल उपलब्धता 21-22 लाख टन आंकी जा रही है। सरसों की नई फसल की कटाई-तैयारी फरवरी 2026 से आरंभ हो जाएगी।
