साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन
31-May-2025 08:40 PM
मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप सोयाबीन के दाम में मिश्रित रुख
नई दिल्ली। रिफाइंड तेल तथा ऑयल मील में विभिन्न कारोबार होने से सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 24-30 मई वाले सप्ताह के दौरान कहीं तेजी तो कहीं मंदी दर्ज की गई। सोयाबीन की बिजाई का सीजन होने से किसानों को अपना स्टॉक निकालना पड़ रहा है मगर उसके अनुरूप मांग मजबूत नहीं है। विदेशों से सोया तेल का भारी आयात निरन्तर जारी है।
प्लांट भाव
तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 50-100 रुपए क्विंटल तक का उतार-चढ़ाव देखा गया। लेकिन उच्चतम दाम भी सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे रहा। सरकारी एजेंसी- नैफेड के पास सोयाबीन का रिकॉर्ड स्टॉक मौजूद है जिसकी खरीद 2024-25 के खरीफ मार्केटंग सीजन के दौरान किसानों से 4892 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की गई थी। एजेंसी अपने इस स्टॉक को बेचने के लिए बेचैन हो रही है। संभवतः जून के अंत से इसकी बिक्री आरंभ हो सकती है। सरकार ने 2025-26 के सीजन हेतु सोयाबीन का एमएसपी 436 रुपए बढ़ाकर 5328 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित कर दिया है।
सोया तेल (रिफाइंड)
सोयाबीन का भाव नरम पड़ने से सोया रिफाइंड तेल की कीमतों में प्रति 10 किलो पर 25 से 35 रुपए तक की गिरावट दर्ज की गई। देवास, मंदसौर एवं पीथमपुर के साथ-साथ महाराष्ट्र के अनेक प्लांटों के दाम घटाकर अपने रिफाइंड तेल की बिक्री करनी पड़ी।
सोयाबीन तेल का दाम कोटा में 45 रुपए तथा कांडला में भी 45 रुपए घटकर क्रमश: 1230 रुपए एवं 1190 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। इसी तरह इसका भाव मुम्बई में 50 रुपए घटकर 1200 रुपए तथा हल्दिया में 30 रुपए गिरकर 1200 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया।
आवक
सोयाबीन की आवक प्रमुख उत्पादन राज्यों की मंडियों में 29 मई को 1.40 लाख बोरी हुई थी जो 30 मई को बढ़कर 3.40 लाख बोरी पर पहुंच गई। सोयाबीन की प्रत्येक बोरी 100 किलो की होती है।
सोया खल (डीओसी)
सोया डीओसी में घरेलू एवं निर्यात मांग बेहतर रहने से इसकी कीमतों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। मध्य प्रदेश के एक-दो प्लांटों में इसमें 1000-1100 रुपए प्रति टन तक का इजाफा दर्ज किया गया। इसी तरह राजस्थान के एक प्लांट में भाव 1500 रुपए बढ़कर 32,200 रुपए प्रति टन पर पहुंच गया। वैश्विक बाजार में सोयाबीन एवं इसके उत्पादों की कीमतों में काफी हद तक स्थिरता बनी हुई है। अर्जेन्टीना में फसल की कटाई तथा अमरीका में बिजाई जारी है। ब्राजील में फसल पहले ही कट चुकी है।
