साप्ताहिक समीक्षा - सोयाबीन
29-Nov-2025 07:10 PM
सरकारी खरीद होने के बावजूद महाराष्ट्र में सोयाबीन का दाम नरम
नई दिल्ली। हालांकि केन्द्र सरकार ने महाराष्ट्र में इस बार 5328 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 18,50,700 टन सोयाबीन की खरीद करने की स्वीकृति दी है और वहां मध्य नवम्बर से खरीदारी शुरू भी हो गई लेकिन थोक थोक भाव एवं प्लांट डिलीवरी मूल्य अब भी एमएसपी से काफी नीचे चल रहा है।
राजस्थान
राजस्थान में भी सोयाबीन की सरकारी खरीद की अनुमति दी गई है जबकि मध्य प्रदेश में भावान्तर भुगतान योजना लागू की गई है। इन तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों में 22-28 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान सोयें के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई।
मध्य प्रदेश
यह भाव मध्य प्रदेश में 4400-4500 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 4700-4800 रुपए तथा राजस्थान में 4500 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे रहा।
सोया तेल (रिफाइंड)
लेकन सोया रिफाइंड तेल के दाम में काफी हद तक स्थिरता बनी रही या प्रत्येक 10 किलो पर 5-10 रुपए का मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। सामान्य कारोबार एवं विदेशों के ऊंचे समाचार से सोया तेल में ज्यादा नरमी नहीं आई। इसका भाव कोटा में 1270 रुपए, मुम्बई एवं हल्दिया में 1240 रुपए तथा कांडला में 1235 रुपए प्रति 10 किलो दर्ज किया गया।
आवक
प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में सोयाबीन की आवक 24 नवम्बर को 7.90 लाख बोरी, 25 नवम्बर को 7 लाख बोरी, 26 नवम्बर को भी 7 लाख बोरी एवं 28 नवम्बर को 7.50 लाख बोरी दर्ज की गई। सोयाबीन की प्रत्येक बोरी 100 किलो (1 क्विंटल) की होती है।
सोया खल (डीओसी)
मध्य प्रदेश में सोया डीओसी का हल्का कारोबार होने से भाव लगभग स्थिर बना रहा लेकिन महाराष्ट्र में कहीं-कहीं इसमें 500 रुपए प्रति टन तक की गिरावट आ गई। राजस्थान में इसकी कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया।
उत्पादन
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने सोयाबीन का घरेलू उत्पादन 2024-25 सीजन के 152.68 लाख टन से करीब 10 लाख टन घटकर 2025-26 के मौजूदा सीजन में 142.66 लाख टन रह जाने का अनुमान लगाया है जबकि सोया का अनुमान 105 लाख टन से कुछ ज्यादा है।
