साप्ताहिक समीक्षा- धनिया
06-Dec-2025 07:35 PM
धनिया गिरकर सुधरा मगर अब अधिक तेजी नहीं
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान धनिया बाजार में मिला जुला व्यापार रहा। मुनाफावसूली बिकवाली एवं हाजिर में कमजोर मांग के कारण सप्ताह के मध्य में वायदा एवं हाजिर बाजार मंदे के साथ बोले गए। यहां तक कि वायदा में मंदी का सर्किट भी लगा। हाजिर बाजारों में भी धनिया के भाव 300/410 रुपए प्रति क्विंटल तक घट गए थे। लेकिन सप्ताह के अंत में वायदा में धनिया के भाव तेजी के साथ बंद होने के कारण हाजिर बाजारों में भाव अपने पूर्व स्तर पर मजबूती के साथ बोले गए। जानकारों का कहना है कि वर्तमान कीमतों में अधिक तेजी संभव नहीं है लेकिन व्यापारिक अनुमान है कि वायदा कारोबारी दिसम्बर माह की मिती ऊंचे भावों पर कटने के चक्कर में कीमतों को एक बार फिर बढ़ा सकते हैं लेकिन मिती कटने के पश्चात कीमतों में मंदा रहेगा। क्योंकि जनवरी माह में गुजरात की मंडियों नए धनिया की आवक शुरू होने लगेगी।
बिजाई अनुमान
गत दिनों धनिया कीमतों में 20/22 रुपए प्रति किलो की तेजी के पश्चात संभावना व्यक्त की जा रही है कि मध्य प्रदेश में धनिया की बिजाई पूर्वानुमानों की तुलना में अधिक क्षेत्रफल पर की जाएगी। वर्तमान में बिजाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। पूर्व में अनुमान लगाया जा रहा था कि मध्य प्रदेश में इस वर्ष बिजाई का क्षेत्रफल 15/20 प्रतिशत तक घट सकता है लेकिन गुना एवं अशोकनगर लाइन पर अच्छी बिजाई के समाचारों के चलते बिजाई में वृद्धि होगी। इसके अलावा चालू सप्ताह दौरान गुजरात कृषि विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार 1 दिसम्बर- 2025 तक राज्य में धनिया की बिजाई 55333 हेक्टेयर पर की जा चुकी है जबकि गत वर्ष इसी समयावधि में बिजाई 41721 हेक्टेयर पर की गई थी। राजस्थान में धनिया की बिजाई 15/20 प्रतिशत कम रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में धनिया की बिजाई 3.64 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जोकि 2025 में घटकर 3.37 लाख हेक्टेयर की रह गई।
उत्पादन एवं खपत
वर्ष 2023 के पश्चात के देश में धनिया का उत्पादन एवं स्टॉक घटता जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2023 में देश में धनिया का उत्पादन 1160 करोड़ बोरी का माना गया था। जोकि वर्ष 2024 में घटकर 1.10/1.20 करोड़ बोरी का रह गया। वर्ष 2025 में उत्पादन और घटकर 1 करोड़ बोरी के आसपास रह गया। उत्पादन घटने के साथ-साथ स्टॉक में भी कमी दर्ज की गई। वर्ष 2024 में नई फसल के समय उत्पादक केन्द्रों पर धनिया का स्टॉक 40/45 लाख बोरी का था जोकि वर्ष 2025 में घटकर 35/38 लाख बोरी का रहने के समाचार थे। चालू सीजन के दौरान स्टॉक और घटकर 20/25 लाख बोरी रह जाने की संभावना है। जहां तक खपत का सवाल हमारी सालाना खपत एवं निर्यात को मिलाकर लगभग डेढ़ लाख बोरी की धनिया की आवश्यकता होती है। जिस कारण से आने वाली फसल एवं बकाया स्टॉक को मिलाकर वर्ष 2026 के दौरान धनिया की कुल उपलब्धता कम रहेगी।
मन्दा-तेजी
व्यापारियों का कहना है कि नए मालों की आवक शुरू होने के पश्चात कीमतों में गिरावट संभव है। लेकिन नए मालों की आवक तक बाजार में अधिक मन्दा नहीं है। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया ईगल का भाव 9000/9300 रुपए एवं बादामी का भाव 8800/9000 रुपए प्रति क्विंटल बोला जा रहा है।
निर्यात
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम छमाही में धनिया का निर्यात 11 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि आय में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-सितम्बर- 2025 के दौरान धनिया का निर्यात 33025 टन का हुआ है और निर्यात से प्राप्त आय 345.86 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-सितम्बर- 2024 में 29671 टन धनिया का निर्यात किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 309.46 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60324 टन का हुआ था जबकि वर्ष 2023-24 में धनिया का रिकॉर्ड निर्यात 108624 टन का हुआ था।
