सरकारी गेहूं की खरीद में मिलर्स-प्रोसेसर्स की दिलचस्पी बहुत कम
13-Feb-2026 12:34 PM
नई दिल्ली। सरकारी गेहूं की खरीद के प्रति फ्लोर मिलर्स एवं प्रोसेसर्स में विशेष दिलचस्पी नहीं देखी जा रही है क्योंकि एक तो उसके पास इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न का अच्छा स्टॉक मौजूद है और दूसरे, सरकारी गेहूं का दाम भी खुले बाजार भाव से ज्यादा आकर्षक नहीं है। खरीदार सीमित मात्रा में इसकी खरीद कर रहे हैं। अगले महीने के दूसरे हाफ से नए गेहूं की आवक शुरू हो सकती है।
खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत भारतीय खाद्य निगम द्वारा 11 फरवरी को आयोजित ई-नीलामी में कुल 1,39,500 टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया जिसमें से केवल करीब 70 हजार टन या 50 प्रतिशत की बिक्री संभव हो सकी।
इसे पूर्व 4 फरवरी को आयोजित नीलामी में 66 प्रतिशत गेहूं का उठाव हुआ था। हालांकि खाद्य निगम ने इस सप्ताह कई राज्यों के लिए गेहूं के ऑफर की मात्रा बढ़ाई थी लेकिन वहां मांग कमजोर बनी रही।
ध्यान देने की बात है कि गेहूं बिक्री की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने स्टॉक लिमिट को समाप्त कर दिया है लेकिन मिलर्स- प्रोसेसर्स अब भी सरकारी गेहूं की खरीद के लिए ज्यादा उत्साहित नहीं दिखाई पड़ रहे हैं।
सरकार के पास गेहूं का भारी-भरकम स्टॉक मौजूद है और इस वर्ष शानदार उत्पादन होने की उम्मीद है जिससे इसकी सरकारी खरीद में बढ़ोत्तरी हो सकती है इसलिए खाद्य निगम मौजूद स्टॉक को घटाने का प्रयास कर रहा है।
उत्तर प्रदेश के एक फ्लोर मिलर का कहना है कि खुली मंडियों से मिलर्स-प्रोसेसर्स को अच्छी मात्रा में गेहूं प्राप्त हो रहा है और इसलिए केवल पंजाब, आसाम तथा कुछ हद तक हरियाणा को छोड़कर अन्य राज्यों में सरकारी गेहूं की मांग काफी कमजोर है। दक्षिण भारत के मिलर्स भी इसकी खरीद में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में पहले गेहूं का अच्छा उठाव हो रहा था लेकिन अब वहां भी इसकी रफ्तार सुस्त पड़ गई है।
