सरकार द्वारा 25 लाख टन गेहूं के निर्यात की अनुमति के साथ गेहूं उत्पादों एवं चीनी के निर्यात कोटे में 5-5 लाख टन की बढ़ोत्तरी का निर्णय
13-Feb-2026 05:45 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने 25 लाख टन साबुत गेहूं के निर्यात की स्वीकृति देते हुए गेहूं उत्पादों एवं चीनी के निर्यात कोटे में 5-5 लाख टन की बढ़ोत्तरी करने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद गेहूं उत्पादों का निर्यात कोटा 5 लाख टन से बढ़कर 10 लाख टन तथा चीनी का निर्यात कोटा 15 लाख टन से बढ़कर 20 लाख टन पर पहुंच जाएगा। घरेलू बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता की सुगम स्थिति तथा कीमतों पर जारी दबाव को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया हैं।
केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि इस किसान हितैषी निर्णय से घरेलू बाजार भाव में स्थिरता आएगी और उत्पादकों को लाभप्रद मूल्य की वापसी सुनिश्चित हो सकेगी। गेहूं तथा इसके उत्पादों की मौजूदा उपलब्धता तथा मूल्य परिदृश्य का व्यापक आंकलन करने के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार प्राइवेट फर्मों के पास करीब 75 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद है जो पिछले साल की समान अवधि से लगभग 32 लाख टन ज्यादा है। इससे देश में गेहूं की सुविधाजनक आपूर्ति एवं उपलब्धता का स्पष्ट संकेत मिलता है।
इसके अलावा 1 अप्रैल 2026 को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास यानी केन्द्रीय पूल में करीब 182 लाख टन गेहूं का स्टॉक मौजूद रहने का अनुमान लगाया गया है इसलिए 25 लाख टन गेहूं एवं 10 लाख टन गेहूं उत्पादों का निर्यात होने पर भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं होगा।
जहां तक चीनी का सवाल है तो सरकार ने 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन के लिए 15 लाख टन चीनी का निर्यात कोटा 14 नवम्बर 2025 को घोषित किया था जबकि उद्योग संगठनों द्वारा 20 लाख टन के निर्यात की अनुमति देने की मांग की जा रही थी। सरकार ने अब उस मांग को स्वीकार कर लिया है।
