सरसों का रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल से आगे निकला

09-Dec-2025 07:11 PM

सरसों का रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल से आगे निकला 

नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल-सरसों की खेती में भारतीय किसानो का उत्साह एवं आकर्षण बरकरार है जिससे इसका उत्पादन क्षेत्र बढ़कर 79.88 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 76.43 लाख हेक्टेयर से 3.45 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय (सामान्य) औसत क्षेत्रफल 79.17 लाख हेक्टेयर से 71 हजार हेक्टेयर ज्यादा है। पिछले अनेक महीनो से सरसो का थोक मंडी भाव सबसे सरकारी समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा है जिससे किसानो को आकर्षण आमदनी प्राप्त हो रही है। इसे देखते हुए सरसो के बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद पहले से की जा रही थी। 

राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्य्प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, पश्चिम बंगाल और बिहार जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतो में किसान सरसों की खेती में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे है जिससे इसके क्षेत्रफल में नियमित रूप से वृद्धि हो रही है। मौसम की हालत अनुकूल है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार राष्ट्रिय स्तर पर सरसो का सकल उत्पादन क्षेत्र बढ़कर पिछले साल से आगे निकल जायेगा। 

लेकिन सरसो के विपरीत मूंगफली की खेती में किसानो की दिनचर्या घटने के संकेत मिल रहे है चालू रबी सीजन के लिए इसका सामन्य औसत क्षेत्रफल 3.69 लाख हेक्टेयर आंका गया है जबकि इसका बिजाई क्षेत्र 1.80 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंचा है जो गत वर्ष के 2.07 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 1.27 लाख हेक्टेयर रह गया है लेकिन कुसुम (सैफफ्लावर) एवं सूरजमुखी के बिजाई क्षेत्र में कुछ सुधर आया है। तिलहन फसलों की बिजाई आगे भी जारी रहेगा।