तिलहनों के बिजाई क्षेत्र में 3.52 लाख हेक्टेयर की वृद्धि

03-Feb-2026 09:09 PM

नई दिल्ली। रबी कालीन तिलहन फसलों के बिजाई क्षेत्र में 3.52 लाख हेक्टेयर का इजाफा हुआ है और यह गत वर्ष के 93.67 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस बार 97.19 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया है जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 86.78 लाख हेक्टेयर से भी काफी अधिक है

इसमें सर्वाधिक योगदान सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों है जिसका उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 86.57 लाख हेक्टेयर से 2.79 लाख हेक्टयर बढ़कर इस बार 89.36 लाख हेक्टेयर हो गया है। इस बार सरसों का सामान्य औसत क्षेत्रफल 79.17 लाख हेक्टेयर आंका गया है जिसकी तुलना में वास्तविक रकबा 10.19 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सरसों के अलावा मूंगफली, सूरजमुखी, कुसुम (सैफ्लावर) तथा अलसी के रकबे में भी बढ़ोत्तरी हुई है और केवल तिल का रकबा गत वर्ष से कुछ पीछे चल रहा है।

2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 के रबी सीजन के दौरान मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 3.37 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.52 लाख हेक्टेयर, सैफ्लावर का बिजाई क्षेत्र 64 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 89 हजार हेक्टेयर, सूरजमुखी का क्षेत्रफल 56 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 70 हजार हेक्टेयर और

अलसी का रकबा 1.76 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.99 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया। दूसरी ओर तिल का बिजाई क्षेत्र इसी अवधि में 41 हजार हेक्टेयर से गिरकर 33 हजार हेक्टेयर रह गया जबकि अन्य रबी कालीन तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र 35 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 40 हजार हेक्टेयर हो गया।

विस्तारित रबी सीजन (जायद सीजन) के लिए मूंगफली एवं तिल की बिजाई शीघ्र ही शुरू होने वाली है जिसकी कटाई-तैयारी खरीफ सीजन की बिजाई से पूर्व ही आरंभ हो जाएगी। इसके फलस्वरूप इन तिलहनों का रकबा सुधरने की उम्मीद है।