तमिलनाडु में मक्का पर लागू 1 प्रतिशत का सेस समाप्त

29-Mar-2025 12:50 PM

मदुरै। तमिलनाडु सरकार ने मक्का के कारोबार पर लागू 1 प्रतिशत के सेस को वापस लेने की घोषणा की है। किसानों तथा आम नागरिकों से प्राप्त आग्रह एवं सुझाव के आधार पर यह निणर्य लिया गया है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस टैक्स को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने तमिलनाडु मार्केट्स (रेग्युलेशन ऑफ एग्री कल्चरण कॉमोडिटीज) एक्ट, 1987 के खंड 9 (i) (डी) को रेग्युलेट कर दिया है।

सरकार के इस निर्णय का किसानों तथा आम लोगों के साथ-साथ राजनैतिक दलों ने भी स्वागत किया है। उसका कहना है कि इस फैसले से राज्य में मक्का का उत्पादन, कारोबार एवं उपयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी और सरकार को भी राजस्व का ज्यादा नुकसान नहीं होगा।

त्रिची के सांसद ने इस सम्बन्ध में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं सम्बद्ध मंत्रियों को पत्र भी भेजा था। पत्र में कहा गया था कि मक्का पर लागू सेस को वापस किया जाना चाहिए जिससे भारी संख्या में छोटे एवं सीमांत किसानों की आजीविका में सुधार आएगा और उसकी कठिनाई दूर होगी। 

उल्लेखनीय है कि अन्य राज्यों की भांति तमिलनाडु में भी मक्का की मांग एवं खपत लगातार बढ़ती जा रही है। वहां पॉल्ट्री फीड तथा पशु आहार निर्माण में इस महत्वपूर्ण मोटे अनाज का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है जबकि अब एथनॉल उत्पादन में भी इसका इस्तेमाल बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

घरेलू मांग एवं खपत में जबरदस्त इजाफा होने से भारत से मक्का का निर्यात प्रभावित होने लगा है क्योंकि इसका दाम भी ऊंचा चल रहा है। 

भारत मक्का के मामले में पहले आत्मनिर्भर था लेकिन जब से एथनॉल  खपत तेजी से बढ़ी है तबसे इसका अभाव महसूस होने लगा है। विदेशों से इसके आयात की आवश्यकता भी महसूस होने लगी है।

मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2225 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है जबकि मंडी भाव इससे ऊंचा चल रहा है।