तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश से लालमिर्च की फसल जलमग्न
17-Dec-2024 05:04 PM
रामनाथपुरम । हाल के दिनों में हुई अत्यन्त जोरदार वर्षा से खेतों में पानी भर जाने के कारण तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में लालमिर्च की लगभग 80 प्रतिशत फसल जलमग्न हो गई जिससे इसकी पैदावार एवं क्वालिटी को गंभीर खतरा होने की आशंका है। निर्यातकों का मानना है कि वहां से इस बार लालमिर्च का निर्यात प्रभावित हो सकता है।
तमिलनाडु के कुछ जिलों में लालमिर्च का अच्छा उत्पादन होता है। बागवानी विभाग के अनुसार रामनाथपुरम जिले में इस बार लालमिर्च का बिजाई क्षेत्र 11,538 हेक्टेयर पर पहुंचा था जिसमें से 9215 हेक्टेयर में फसल पानी में डूब गई है या उसके खेतों में पानी भर गया है। इस जिले में लालमिर्च की अधिकांश खेती वर्षा पर आश्रित क्षेत्रों में होती है।
तमिलनाडु से देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ विदेशों से भी भारी मात्रा में लालमिर्च भेजी जाती है। हैरत की बात है कि इस वर्ष नवम्बर तक रामनाथपुरम जिले में वर्षा का अभाव महसूस किया जा रहा था मगर दिसम्बर में हालात बदल गए।
चालू माह के दौरान वहां इतनी जबरदस्त बारिश हुई कि चारों ओर पानी ही पानी नजर आने लगा। इससे किसानों की चिंता और परेशानी काफी बढ़ गई है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 का समय लालमिर्च के लिए शानदार रहा और वहां उत्पादकों को आकर्षक आमदनी भी प्राप्त हुई लेकिन अगले साल निर्यात प्रदर्शन कमजोर पड़ने की संभावना है।
एक अग्रणी व्यापारी के अनुसार संयुक्त रूप से किसानों को घरेलू प्रभाग एवं वैश्विक बाजार से लगभग 600 टन साम्बा एवं मुंडू लालमिर्च का आर्डर प्राप्त हुआ है।
हाल की बारिश से फसल बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। कोल्ड स्टोरेज में जो स्टॉक मौजूद है वह 200-300 टन के बीच ही है। इससे लालमिर्च का निर्यात 50 प्रतिशत तक घट सकता है। किसान लालमिर्च की दोबारा रोपाई कर सकते हैं ताकि अगले साल की मांग को पूरा किया जा सके।
